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योगी नहीं है ठाकुरवादी, पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर घोषित 25000 का इनाम बाराबंकी समेत कई जिलों की संपत्तियों की होगी जांच!

अक्सर दबी जुबान में योगी आदित्यनाथ के विरोधी उन पर जातिवाद का आरोप लगाते हैं उन पर ठाकुरों का हर मामले में समर्थन का आरोप लगाया जाता है।

लेकिन योगी आदित्यनाथ ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ कठोर कार्रवाई करके यह संदेश देने का प्रयास किया है कि उनकी सरकार किसी जाति धर्म के साथ नहीं है न्याय के साथ है उनकी सरकार हर वर्ग के अपराधियों के खिलाफ है अपराधी किसी भी जाति का हो सरकार उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी।

पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड में पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह को फरार घोषित किया गया है। इसके साथ ही उनके खिलाफ ₹25000 का इनाम भी घोषित कर दिया गया है।

यानी पेशेवर अपराधियों और बदमाशों की तरह पूर्व सांसद के खिलाफ ₹25000 का इनाम घोषित किया गया है इसका मतलब यह है कि धनंजय सिंह का पता बताने वाले को योगी सरकार ₹25000 का इनाम देगी।

लखनऊ पुलिस ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह के कई ठिकानों पर छापेमारी भी की है सूत्रों के मुताबिक बताया जाता है कि राजधानी लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में उनकी प्रॉपर्टी है कई फ्लैट मकान फार्म हाउस पेट्रोल पंप और अन्य कई संपत्तियों में भी उनका अलग-अलग नामों से निवेश है।

सूत्रों के मुताबिक लखनऊ के अलावा बाराबंकी जनपद में भी मयूर मोटल्स नामक होटल और क्लब में उनका डायरेक्ट अथवा इनडायरेक्ट निवेश है।

बाराबंकी में कई लोगों के माध्यम से उन्होंने प्रॉपर्टी में भी निवेश किया है इन सब बातों की सच्चाई को परखने के लिए लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस राजस्व विभाग का सहयोग लेकर और आवश्यकता पड़ने पर इंटेलिजेंस का सहयोग लेकर धनंजय गैंग पर शिकंजा करेगी।

लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने बाकायदा प्रेस नोट जारी करके यह बताया है कि धनंजय सिंह के संपत्तियां दिल्ली, जौनपुर, वाराणसी, मऊ, फतेहगढ़, बाराबंकी समेत अन्य कई स्थानों पर है और इसकी जांच के लिए ईडी और आयकर विभाग को भी लिखा गया है।

रिपोर्ट – आलोक कुमार

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