
लखनऊ – उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष ने लखनऊ में 2 दिन तक मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ मंथन किया था।
जिसका परिणाम यह रहा कि उत्तर प्रदेश में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के नेतृत्व में ही भारतीय जनता पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी। अगले एक या दो हफ्ते में योगी कैबिनेट में खाली मंत्री पदों को भरा जा सकता है।
कैबिनेट में कई नए चेहरों को जगह मिल सकती है. पूर्व आई ए एस और अब बीजेपी एमएलसी ए के शर्मा भी मंत्री पद के संभावित दावेदारों में हैं.
यूपी चुनाव से पहले संगठन और सरकार की समन्वय बैठकें लगातार होती रहेंगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने भी चार दिन तक लखनऊ में रहकर बीजेपी के बड़े नेताओ से फीड बैक लिया था।

उनके फीडबैक के आधार पर ही भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने संगठन महासचिव बीएल संतोष और यूपी प्रभारी राधामोहन सिंह को लखनऊ में भेजा था।
दो दिन चली बैठक में बीएल संतोष ने यूपी के दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा, स्वामी प्रसाद मौर्या समेत दर्जनों मंत्रियों के साथ वन-टू-वन बातचीत की।
इसके अलावा बीएल संतोष ने संघ और पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ भी अलग से बैठक की। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा भी जुलाई में उत्तर प्रदेश के दौरे पर जाएंगे।
यूपी भाजपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को बदला जा सकता है। उनकी जगह उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को राज्य में पार्टी की कमान सौंपने की अटकलें चल रही थीं।
बीएल संतोष और राधामोहन सिंह ने लखनऊ दौरे की रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंपी, जिसके बाद ऐसी खबरें हैं कि भाजपा चुनाव से पहले यूपी में किसी भी तरह का बदलाव करने के पक्ष में नहीं है।
रिपोर्ट – आर डी अवस्थी