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*चर्चित राजन मित्तल हटे, ‘भव्य सैफई के शिल्पी’ उत्तम गहलोत बने निर्माण निगम के नए एमडी। THE INDIAN OPINION*


उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे बड़ी भवन निर्माण संस्था के रूप में चर्चित उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को अपना नया प्रबंध निदेशक मिल गया है, इसके पहले विवादों और भ्रष्टाचार के मामले में चर्चित रहे राजन मित्तल राजकीय निर्माण निगम के एमडी थे उनके ऊपर सेतु निगम के एमडी रहते हुए पुलों के निर्माण में गड़बड़ी के आरोप थे बनारस में ओवर ब्रिज का स्लैब गिरने के मामले में भी जांच कमेटी के द्वारा तत्कालीन सेतु निगम के एमडी राजन मित्तल को दोषी ठहराया था।
इसके बावजूद उन्हें सजा की बजाए और अधिक बड़े बजट वाले विभाग राजकीय निर्माण निगम की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी।

बताया जाता है कि राजन मित्तल लोक निर्माण मंत्री डिप्टी सीएम केशव मौर्य के बहुत करीबी अधिकारियों में शामिल हैं l मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बावजूद वह लंबे समय तक सेतु निगम और निर्माण निगम के भी एमडी रहे जबकि उनके विरुद्ध कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बाद आखिरकार राजन मित्तल को निर्माण निगम के एमडी पद से हटना पड़ा और यूके गहलोत को सेतु निगम के प्रबंध निदेशक के पद की जिम्मेदारी से मुक्त करके उन्हें बड़ी संस्था निर्माण निगम का प्रबंध निदेशक बनाया गया, वहीं लोक निर्माण विभाग में मुख्य अभियंता मुख्यालय रहे पीके कटिहार को सेतु निगम का एमडी बना दिया गया है।

निर्माण निगम और सेतु निगम के पास हजारों करोड़ की परियोजनाएं।

सेतु निगम और निर्माण निगम लोक निर्माण विभाग दो बड़ी संस्थाएं हैं जिनके अधीन हजारों करोड़ के निर्माण कार्य पूरे देश में चलते रहते हैं।

इन विभागों के मुखिया का पद काफी प्रभावशाली और मलाईदार भी माना जाता है आमतौर पर मुख्यमंत्री अथवा लोक निर्माण मंत्री के करीबी अधिकारी ही सेतु निगम और निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक बनाए जाते हैं।

लोगों का मानना है कि यूके गहलोत को निर्माण निगम के एमडी बनाए जाने के बाद निर्माण निगम में कई वर्षों से काबिज भ्रष्टाचारियों के रैकेट को जरूर झटका लगेगा और निर्माण निगम की लंबित परियोजनाओं में भी तेजी आएगी।

सैफई में भव्य निर्माणों के शिल्पी रहे हैं यूके गहलोत

यूके गहलोत पहले भी निर्माण निगम में काम कर चुके हैं इस दौरान वह सपा सरकार में सबसे महत्वपूर्ण जनपद इटावा में निर्माण निगम के जनरल मैनेजर के तौर पर लंबे समय तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके मार्गदर्शन में सैफई में सैकड़ों करोड़ की कई भव्य परियोजनाओं का निर्माण हुआ। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भी वह करीबी माने जाते हैं अखिलेश यादव की मंशा के अनुसार गहलोत ने इटावा के जीएम रहते हुए निर्माण निगम के द्वारा इटावा सैफई में कई महत्वपूर्ण कार्य कराए।

अब वह राजकीय निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक के तौर पर अपनी नई पारी की शुरुआत कर रहे हैं उन्होंने कार्यालय में पहुंचकर अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया और सभी अधीनस्थ अधिकारियों को इमानदारी के साथ परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

रिपोर्ट – देवव्रत शर्मा