किडनी, लिवर और हार्ट पर बढ़ता खतरा; डॉक्टरों ने हीटवेव में सावधानी बरतने की दी सलाह

देशभर में भीषण गर्मी और हीटवेव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी तेज गर्मी सिर्फ असहजता ही नहीं, बल्कि शरीर के अहम अंगों—किडनी, लिवर और हार्ट—के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
डॉक्टरों के मुताबिक, अत्यधिक गर्मी में शरीर तेजी से डिहाइड्रेट होता है, जिससे किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। पर्याप्त पानी न मिलने पर किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है और गंभीर मामलों में किडनी फेल होने का खतरा भी बढ़ सकता है। वहीं, शरीर का तापमान नियंत्रित करने में लिवर को भी ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे उसकी कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है।

गर्मी का सबसे बड़ा असर दिल पर पड़ता है। तेज तापमान में शरीर को ठंडा रखने के लिए हार्ट को ज्यादा तेजी से खून पंप करना पड़ता है। इससे ब्लड प्रेशर असंतुलित हो सकता है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है, खासकर बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दोपहर में बाहर निकलने से बचें, भरपूर पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और शरीर में कमजोरी, चक्कर या सांस फूलने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।