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बेनी प्रसाद वर्मा: वह नेता जिसने अवसरवादी समझौतों की बजाए कठोर संघर्षों का आलिंगन किया।

रिपोर्ट – दीपक मिश्रा

सिद्धांत संघर्ष स्वाभिमान जनाधार की राजनीति के एक युग का अंत!

कई बार विधायक कई बार सांसद कई बार राज्य की सरकार में मंत्री कई बार केंद्र की सरकार में मंत्री रहने के बावजूद खाटी समाजवादी शैली को बरकरार रखने वाले क्षेत्र के हजारों लोगों को उनके नाम से पहचानने वाले राजनीति में माफिया और अपराधी करण का विरोध भ्रष्टाचार और अराजकता का विरोध और आवश्यकता पड़ने पर अपने दल के नेताओं और राष्ट्रीय अध्यक्ष के भी विरोध का साहस रखने वाले उत्तर भारत के कद्दावर सर्व समाज के नेता बेनी प्रसाद वर्मा का निधन निसंदेह भारतीय राजनीति की एक बड़ी क्षति है।

बाराबंकी जनपद की तो पहचान ही जैसे बेनी बाबू से जुड़ी है बाराबंकी एक ऐसा जनपद है जहां लगभग हर ग्राम पंचायत को जाने के लिए एक नहीं कई पक्की सड़के उपलब्ध है इसका श्रेय बेनी बाबू को जाता है, बाराबंकी एक ऐसा जनपद है जहां बड़ी संख्या में टेलीफोन एक्सचेंज उस समय बन गए थे जब देश के तमाम महानगरों में टेलीफोन सेवाएं अपने विस्तार के क्रम में थी, बाराबंकी एक ऐसा जनपद जो खेती में ही नहीं खेती की संपन्नता को लेकर अग्रणी जनपदों में गिना गया और ऐसे एक नहीं दर्जनों कीर्तिमान जो बाराबंकी से जुड़े रहे उनका श्रेय बेनी बाबू को जाता है।

वजह यह रही कि बेनी बाबू जब भी राज्य अथवा केंद्र सरकार में प्रभावशाली रहे उन्होंने राजधानी लखनऊ से लगे बाराबंकी जनपद को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में, विकास की तेज रफ्तार में आगे बढ़ाने में अपना पूरा जोर लगाया और अपने कलम की ताकत से बाराबंकी के हजारों परिवारों के युवाओं को सरकारी नौकरियों से भी जोड़ा।

पत्रकारों से भी उनका विशेष नाता था जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के पत्रकारों को भी नाम से पहचानते थे और पत्रकारों के साथ देर तक बैठना चर्चा करना उन्हें प्रेम से जलपान कराना और पत्रकारों के घर परिवार कभी हाल-चाल पूछना यह उनकी शैली का प्रमुख हिस्सा था।

याद करके लगता है कि इस तरह के नेता बहुत कम बचे जो लोगों से सिर्फ राजनैतिक रूप से नहीं व्यक्तिगत रूप से भी जुड़ते थे l पिछले कुछ दिनों से स्वास्थ्य खराब होने की वजह से बेनी बाबू का उपचार चल रहा था बेनी बाबू अब हमारे बीच में नहीं है लेकिन अक्सर उनका सीधे तना हुआ व्यक्तित्व,उनकी चौकस दृष्टि और उनकी स्पष्ट वाणी हमें उनके स्वाभिमानी और सिद्धांत वादी व्यक्तित्व याद दिलाती रहेंगी।

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