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मध्यम वर्ग के लोगो को सितंबर माह में एक और झटका, मोदी सरकार करने जा रही ये काम।

रिपोर्ट – सरदार परमजीत सिंह,

बाराबंकी।जहां एक तरफ कोरोना महामारी काल में आम जनता के सभी व्यापार ठप हैं वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार मध्यम वर्ग की जनता को एक करारा झटका और दे सकती है।

सूत्रों के मुताबिक आम जनता जो पहले से ही पेट्रोल व डीजल की बढ़ोतरी की मार झेल रही है।तीन महीने में लगभग 13 रूपये पेट्रोल व डीजल की कीमतों में वृद्धि हो चुकी है।अब तेल कंपनियां एलपीजी सिलेंडर जिसकी वर्तमान कीमत ₹598 है। उसकी दरें भी बढ़ाने की सोच रही है। यह भी खबर मिल रही है कि एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी की समाप्ति की जा रही है।

    वास्तव में अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में गिरावट आ रही है और भारत में रेट बढ़ने के चलते ग्लोबल मार्केट और स्थानीय स्तर पर मूल्यों का अंतर लगभग खत्म सा हो गया है। जिसके चलते एलपीजी सिलेंडर पर दी जाने वाली सब्सिडी नगण्य समझी जा सकती है।

     पिछले वर्ष माह जुलाई 2019 में सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत ₹494.35 पैसे था जो अब बढ़कर ₹594 हो गया है मौजूदा वित्त वर्ष के बीते 4 महीनो में सब्सिडी और बगैर सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमतों में बहुत अंतर नहीं रह गया।जिसके कारण सरकार को सब्सिडी के मद में बहुत कम खर्च उठाना पड़ रहा है।वैसे अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य और स्थानीय बाजार मूल्य के अंतर को पूरा करने के लिए ही सरकार सब्सिडी का प्रयोग करती है।

   अगर ऐसे ही चलता रहा तो वित्तीय वर्ष 2021 में केंद्र सरकार एलपीजी सब्सिडी के 20000 करोड़ रुपए बचा सकती है। इस साल केंद्रीय सरकार ने पेट्रोलियम सब्सिडी के लिए 40,915 करोड रुपए का आवंटन किया है। इसमें से एलपीजी सिलेंडर के लिए लगभग सब्सिडी मद में 37,256.21 करोड़ रुपए जारी किए हैं, लेकिन पहली तिमाही में सरकार ने केवल 1900 करोड़ रुपए ही सब्सिडी के तौर पर खर्च किए हैं।इसे कोरोना महामारी के दौर में सरकार पर खर्च के बढ़ते हुए दबाव में एक बड़ी मदद के रूप में देखा जा रहा है।

   सरकार ने 8 करोड उज्जवला लाभार्थियों के खाते में 9709 करोड़ की रकम ट्रांसफर की है।वैसे अब केंद्रीय सरकार का टारगेट ज्यादातर गरीब परिवारों को लाभ पहुंचाने का है जो कि उज्ज्वला योजना के तहत भी जुड़े हुए हैं।भारत में कुल उपभोक्ता एलपीजी सिलेंडर के 27.76 करोड़ है।जिनमें से डेढ़ करोड़ उपभोक्ता ऐसे हैं जिनकी सालाना टैक्सेबल इनकम 10 लाख से अधिक की है,इस तरह सब्सिडी पाने के हकदार नहीं है।

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