केरल में ‘ब्रेस्ट टैक्स’ का काला इतिहास: विरोध में नंगेली का बलिदान

निचली जाति की महिलाओं पर लगाया जाता था टैक्स, आज भी कई सीटों पर पड़ता है इसका राजनीतिक असर

Kerala के इतिहास में एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला अध्याय दर्ज है, जिसे ‘ब्रेस्ट टैक्स’ (मुलक्करम) के नाम से जाना जाता है। यह टैक्स निचली जाति की महिलाओं पर लगाया जाता था, जिसमें उन्हें अपने शरीर को ढकने के अधिकार के लिए कर देना पड़ता था।

इस अमानवीय प्रथा के खिलाफ एक महिला, Nangeli, ने ऐसा विरोध किया जिसने इतिहास की दिशा बदल दी। बताया जाता है कि उन्होंने इस टैक्स का विरोध करते हुए अपने स्तनों को काटकर अधिकारियों के सामने रख दिया। इस घटना के बाद उनकी मृत्यु हो गई, लेकिन इस बलिदान ने समाज को झकझोर दिया।

नंगेली के इस साहसिक कदम के बाद इस कुप्रथा को खत्म करने की मांग तेज हो गई और अंततः इसे समाप्त करना पड़ा। यह घटना सामाजिक समानता और महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई।

इतिहासकारों के अनुसार, इस घटना का असर आज भी केरल की राजनीति में देखने को मिलता है। कई क्षेत्रों में सामाजिक न्याय और समानता के मुद्दे चुनावी एजेंडा बने रहते हैं, और लगभग 50 से अधिक विधानसभा सीटों पर इसका प्रभाव माना जाता है।

यह कहानी न सिर्फ अतीत के अत्याचारों को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि एक व्यक्ति का साहस किस तरह पूरे समाज में बदलाव ला सकता है।

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