ट्रम्प का दावा- ईरानी नौसेना को भारी नुकसान 158 जहाज तबाह; कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक, होर्मुज स्ट्रेट, एक बार फिर वैश्विक तनाव का केंद्र बन गया है। अमेरिका ने आज से इस रणनीतिक जलमार्ग पर नाकेबंदी (Blockade) लागू करने का बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के पीछे अमेरिका का दावा है कि ईरान की नौसेना को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है और उसकी समुद्री ताकत लगभग खत्म कर दी गई है।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में ईरान के करीब 158 जहाजों को तबाह कर दिया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान अब इस क्षेत्र में कोई बड़ा सैन्य खतरा नहीं है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

होर्मुज स्ट्रेट, जो कि Persian Gulf को Gulf of Oman से जोड़ता है, वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा संभालता है। यहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या नाकेबंदी का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ता है।
अमेरिका के इस कदम के तुरंत बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है। भारत सहित कई तेल आयात करने वाले देशों के लिए यह स्थिति चिंताजनक मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव बढ़ता है, तो यह न केवल तेल की कीमतों को प्रभावित करेगा बल्कि वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर भी असर डालेगा। वहीं, ईरान की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इस पूरे घटनाक्रम पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे मध्य पूर्व में एक बड़े सैन्य टकराव की संभावना भी बढ़ सकती है।