मेयर ने अधिकारियों को समयपालन की दी सख्त हिदायत

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नगर निगम की बैठक के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब एक निजी कंपनी का मालिक देर से सदन में पहुंचा। इस पर मेयर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उसे फटकार लगाई और समय की अहमियत समझने की नसीहत दी।
बैठक के दौरान कई पार्षद गले में तख्तियां टांगकर पहुंचे, जिन पर शहर की समस्याओं और प्रशासन की लापरवाही को लेकर संदेश लिखे थे। पार्षदों का कहना था कि नगर निगम के कई काम समय पर पूरे नहीं हो रहे हैं, जिससे जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सदन में सफाई व्यवस्था, सड़कों की हालत और विकास कार्यों की धीमी गति जैसे मुद्दों पर भी जमकर चर्चा हुई। पार्षदों ने अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग की और कहा कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
मेयर ने बैठक के दौरान स्पष्ट कहा कि समय पर काम और अनुशासन बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों और संबंधित कंपनियों को चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस घटना के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।