निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन, बोले- नौकरी और भविष्य दोनों खतरे में

राजधानी में लालबत्ती चौराहे पर उस समय हड़कंप मच गया जब चार संविदाकर्मियों ने कथित तौर पर आत्मदाह की कोशिश करते हुए अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। संविदाकर्मी अपने विभाग में प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप है कि निजीकरण की प्रक्रिया के चलते उनकी नौकरियां खतरे में पड़ गई हैं और वर्षों की सेवा के बावजूद उनके भविष्य को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि निजीकरण लागू होने पर बड़ी संख्या में संविदाकर्मी बेरोजगार हो सकते हैं। इसी नाराजगी के बीच चार कर्मचारियों ने विरोध दर्ज कराने के लिए अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और तत्काल हस्तक्षेप कर कर्मचारियों को शांत कराया। समय रहते कार्रवाई होने से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
संविदाकर्मियों ने मांग की है कि निजीकरण का फैसला वापस लिया जाए और उनकी नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रशासन ने उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।