भारत भी अलर्ट मोड पर, जानिए कितना खतरनाक है इबोला और कैसे करें बचाव

दुनिया के कई देशों में इबोला वायरस संक्रमण के मामलों ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इसी वजह से वैश्विक स्तर पर निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई है। इबोला एक गंभीर और जानलेवा वायरल बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के खून, शारीरिक तरल पदार्थ या संक्रमित वस्तुओं के संपर्क में आने से फैल सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इबोला के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द और गले में खराश शामिल हैं। गंभीर स्थिति में मरीज को आंतरिक और बाहरी रक्तस्राव भी हो सकता है। इस बीमारी की मृत्यु दर अन्य वायरल संक्रमणों की तुलना में काफी अधिक मानी जाती है।

भारत में फिलहाल इबोला का कोई सक्रिय प्रकोप नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्राओं और वैश्विक संपर्क को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। एयरपोर्ट और अन्य प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी बढ़ाई गई है।
डॉक्टरों का कहना है कि घबराने की बजाय सावधानी बरतना जरूरी है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना सबसे प्रभावी उपाय हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जागरूकता और समय पर इलाज से जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।