एक कुत्ते पर छिड़ी दो देशों की जंग! कारामेलो नस्ल को लेकर आमने-सामने आए मेक्सिको और ब्राजील

300 से अधिक नस्लों के मिश्रण से बने कारामेलो डॉग पर मेक्सिको ने जताया दावा, ब्राजील करेंसी पर छापने की कर रहा था तैयारी

एक अनोखे विवाद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर ली हैं। इस बार मामला किसी सीमा, व्यापार या राजनीति का नहीं, बल्कि एक कुत्ते की नस्ल का है। ‘कारामेलो डॉग’ को लेकर मेक्सिको और ब्राजील के बीच दावे-प्रतिदावे शुरू हो गए हैं।

कारामेलो डॉग को लैटिन अमेरिका के सबसे लोकप्रिय देसी कुत्तों में गिना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कोई शुद्ध नस्ल नहीं बल्कि करीब 300 विभिन्न नस्लों के लंबे समय से हुए मिश्रण का परिणाम माना जाता है। इसकी पहचान सुनहरे-भूरे रंग, वफादार स्वभाव और अनुकूलन क्षमता के कारण बनी है।

विवाद तब शुरू हुआ जब ब्राजील में कारामेलो डॉग को राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक मानते हुए उसे देश की करेंसी या स्मारक नोट पर शामिल करने की चर्चा शुरू हुई। इसी बीच मेक्सिको के कुछ इतिहासकारों और पशु विशेषज्ञों ने दावा किया कि इस कुत्ते की जड़ें उनके देश से भी जुड़ी हुई हैं और इसकी सांस्कृतिक विरासत पर सिर्फ ब्राजील का अधिकार नहीं माना जा सकता।

सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है। ब्राजील के लोग कारामेलो को अपनी संस्कृति का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि मेक्सिको में भी इसके ऐतिहासिक संबंधों को लेकर चर्चाएं हो रही हैं।

हालांकि, दोनों देशों की सरकारों ने इस मामले को लेकर कोई आधिकारिक विवाद दर्ज नहीं किया है, लेकिन कारामेलो डॉग को लेकर शुरू हुई यह बहस दुनियाभर के पशु प्रेमियों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच चर्चा का विषय बन गई है।

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