रासुवा में भोटेकोशी नदी उफनी, कई लोग लापता और बड़े पैमाने पर राहत अभियान शुरू

काठमांडू। नेपाल के उत्तरी रासुवा जिले में बुधवार को तिब्बत की दिशा से आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। भोटेकोशी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से कई बस्तियां, सड़कें, पुल और हाइड्रोपावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। स्याफ्रुबेसी और तिमुरे समेत नदी किनारे के कई इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल गया। प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, करीब एक दर्जन बस्तियों के प्रभावित होने की सूचना है। इनमें स्याफ्रुबेसी, बेत्रावती, मेलुंग, सल्लेटार, शांतिबाजार, पैरेबेसी, खल्ती बस्ती, सोले, त्रिशूली और बट्टार जैसे इलाके शामिल हैं। बाढ़ की चपेट में आने से कई निर्माण परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

नेपाल के जल संसाधन मंत्रालय के अनुसार, कई जलविद्युत परियोजनाएं भी बाढ़ से प्रभावित हुई हैं, जिसके कारण इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने से राहत एवं बचाव कार्य में भी मुश्किलें सामने आ रही हैं। प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह के निर्देश पर नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत और खोज अभियान में जुटी हैं।

बाढ़ की वास्तविक वजह को लेकर अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। प्रारंभिक विशेषज्ञ आकलन में तिब्बत की तरफ किसी बर्फीले भूस्खलन या ग्लेशियल झील के अचानक फटने से बनी बाढ़ की संभावना जताई गई है। शोधकर्ताओं के अनुसार, तिब्बत के डोंगलिंग सांगपो क्षेत्र में नदी का रास्ता अस्थायी रूप से बाधित होने और बाद में पानी का अचानक निकलना इस घटना का संभावित कारण हो सकता है।
फिलहाल प्रशासन नुकसान और संभावित जनहानि का विस्तृत आकलन कर रहा है। अधिकारियों ने नदी किनारे के लोगों से सतर्क रहने और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। शुरुआती रिपोर्टों में कई लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, लेकिन सटीक आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं है।