स्वाद के साथ सेहत का भी रखें ध्यान, जरूरत से ज्यादा घेवर पड़ सकता है भारी

रक्षाबंधन का त्योहार मिठास और पारंपरिक पकवानों के बिना अधूरा माना जाता है। इस मौके पर घेवर खास तौर पर पसंद किया जाता है। बाजार में सादा, मलाई, मावा और ड्राई फ्रूट्स वाले कई तरह के घेवर उपलब्ध होते हैं। हालांकि स्वादिष्ट होने के बावजूद इसका अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। खासकर उन लोगों को मात्रा का ध्यान रखना चाहिए जिन्हें पहले से ब्लड शुगर, वजन या हृदय संबंधी समस्याएं हैं।
घेवर आमतौर पर मैदा, घी, चीनी और चाशनी से तैयार किया जाता है। इसके ऊपर मलाई, मावा या सूखे मेवे की परत डालने से इसकी कैलोरी और वसा की मात्रा और बढ़ सकती है। इसलिए एक साथ ज्यादा घेवर खाने से शरीर में कैलोरी और शुगर की मात्रा तेजी से बढ़ सकती है। डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए यह ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकता है।

ज्यादा मीठा और तला हुआ भोजन खाने से कुछ लोगों को पेट फूलना, अपच, एसिडिटी, भारीपन और गैस जैसी परेशानियां हो सकती हैं। लगातार अधिक कैलोरी का सेवन वजन बढ़ने का कारण भी बन सकता है। इसलिए त्योहार के दौरान स्वाद के साथ संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

विशेषज्ञों की सामान्य सलाह है कि घेवर को सीमित मात्रा में खाएं और पूरे दिन के खानपान में संतुलन रखें। मिठाई खाने के साथ पर्याप्त पानी पीना और रोजमर्रा की शारीरिक गतिविधि बनाए रखना भी मददगार हो सकता है। अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो अपनी डाइट के अनुसार डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।
रक्षाबंधन पर घेवर का आनंद लिया जा सकता है, लेकिन ‘ज्यादा मिठास’ को त्योहार की खुशी पर हावी न होने दें।