mosbetlucky jetmostbetmosbetlucky jetparimatchaviatoraviatoronewin casinomostbet azmosbet1 winlucky jet casino4rabetmostbet aviator login4x bet1win casinopinup login1winlucky jet crash1winpinup kzmostbet casinopinup login1win slotsmostbetpin upmostbet kz1 win1win uzmostbet casino1win4r bet1 win kzlacky jetpin up 777mosbet aviatorpin upmostbetparimatch1 win1 winpin-upmostbet onlinepin-upmostbetpin up az1 win4rabet bd1win aviatorpin up azerbaycan

*गोरखपुर में व्यापारी के परिवार की सामूहिक आत्महत्या की खबर से हड़कंप, बड़ा सवाल शासन प्रशासन को अपना दुख दर्द बताने की बजाय परेशान लोग क्यों लगाते हैं मौत को गले..???*



सीएम सिटी गोरखपुर में रविवार को  दिल दहला देने देने वाली घटना के चलते शोक की लहर फैल गई l जहां गल्ला व्यवसायी ने परिवार के साथ सामूहिक आत्महत्या की है. व्यवसायी के घर से उसकी पत्नी, बेटी और बेटे की लाश मिलने से पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया. जबकि एक बेटी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. फिलहाल पुलिस घटना की जांच में जुट गई है.
मामला राजघाट थाना के लालडिग्गी के पास का है. जानकारी के मुताबिक व्यवसायी में घाटा और कर्ज से परेशान होकर व्यवसाई के सामूहिक आत्महत्या किये जाने की आशंका जताई जा रही है. एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से इलाके में सनसनी मची है. बताया जा रहा है कि खाने में जहरीला पदार्थ देकर सामूहिक आत्महत्या की गयी है. वहीं मौके पर एसएसपी सुनील गुप्ता समेत ने पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया है. साथ ही मामले की जांच में पुलिस जुट गयी है.
जहां गल्ला व्यवसायी रमेश गुप्ता परिवार के साथ रहता था. वही आज घर से रमेश गुप्ता ने पत्नी सरिता, बेटी पायल, रचना और बेटे आयुष के साथ जहरीला पदार्थ खाकर सामूहिक आत्महत्या कर लिया है. हालांकि एक बेटी की हालत गंभीर है. जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.साथ ही मामले की पड़ताल में पुलिस जुट गयी है. पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में कर्ज और घाटे से परेशान होकर व्यवसायी के सामूहिक आत्महत्या किये जाने की बात सामने आ रही है.
यहां पर एक बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या संविधान की मंशा के अनुसार हमारा शासन और प्रशासन इतना संवेदनशील नहीं हो पा रहा है कि अपना दुख दर्द अपनी समस्याएं लोग शासन प्रशासन से बांट सकें और मदद मांग सकेंl
आखिर क्यों अपनी तकलीफों के बोझ तले लोग मौत को गले लगा लेते हैं l ऐसी घटनाएं
कहीं ना कहीं शासन और प्रशासन के साथ-साथ समाज की विफलताहै ,क्योंकि समाज रूपी परिवार के बंधन अब इतने कमजोर हो गए हैं लोग अपनी नाते रिश्तेदारों से और समाज से मुसीबत में मदद की वजह मौत को गले लगाना बेहतर समझने लगे हैंl
कुल मिलाकर इस घटना ने एक बार फिर सरकारी तंत्र और समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को उजागर ही किया है..