शिक्षा के बाजारीकरण पर रोक लगाने की मांग, IAL ने DM को सौंपा ज्ञापन

हर साल कोर्स बदलने और कमीशनखोरी के खिलाफ अधिवक्ताओं का विरोध

बाराबंकी में इंडियन एसोसिएशन ऑफ लायर्स (IAL) के पदाधिकारियों ने शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण के खिलाफ आवाज उठाई। संगठन के सदस्यों ने जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की।

महामंत्री मोहम्मद रईस कादरी एडवोकेट के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कहा कि शिक्षा माफियाओं ने कमीशनखोरी के चलते इसे कमाई का जरिया बना दिया है। हर साल कोर्स बदलने से अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है और बच्चों पर किताबों का दबाव भी बढ़ता जा रहा है।

ज्ञापन में ‘एक देश-एक शिक्षा’ नीति लागू करने, किताबों की कीमत पेज के हिसाब से तय करने, कमीशन लेने वाले स्कूल प्रबंधकों और प्रकाशकों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है। साथ ही कक्षा 1 से 6 तक किताबों का बोझ कम करने और पुरानी किताबों के उपयोग की अनुमति देने की भी बात कही गई है।

अधिवक्ताओं का कहना है कि जब ‘एक देश-एक चुनाव’ संभव है, तो ‘एक देश-एक शिक्षा’ क्यों नहीं। जिलाधिकारी ने ज्ञापन लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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