ईरान का बयान: कीमत 140 डॉलर तक जा सकती है

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों ने एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जारी भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच क्रूड ऑयल $126 प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जो पिछले चार सालों का उच्चतम स्तर है। इस तेजी का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों के साथ-साथ भारत जैसे आयातक देशों पर भी पड़ रहा है।

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और सप्लाई को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच ईरान ने तंज कसते हुए कहा है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो कच्चे तेल की कीमतें जल्द ही $140 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में यह उछाल महंगाई को और बढ़ा सकता है। भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है, जिससे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के चलते सरकारों और कंपनियों के लिए आने वाले समय में रणनीति बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।