बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल, क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग पर रहेगा फोकस

बिश्केक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मध्य एशिया दौरे के दूसरे चरण में किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच चुके हैं। यहां वे 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को होने वाले 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री की कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों और अहम क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है।
किर्गिस्तान पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को बिश्केक स्थित महात्मा गांधी स्मारक पर पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उनके विचारों को याद किया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी गांधी जी के विचारों के प्रभाव का उल्लेख किया। खास बात यह है कि बिश्केक में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 2015 के किर्गिस्तान दौरे के दौरान किया था।

इसके बाद प्रधानमंत्री ने किर्गिस्तान में रहने वाले भारतीय समुदाय और विभिन्न स्थानीय समुदायों के लोगों से मुलाकात की। भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मुलाकात को भारत और किर्गिस्तान के बीच लोगों के स्तर पर संबंध मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री को इस दौरान ‘मनास: किर्गिज वीरगाथा काव्य’ नामक पुस्तक भी भेंट की गई।
मोदी का बिश्केक दौरा मुख्य रूप से SCO शिखर सम्मेलन पर केंद्रित है। सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों जैसे मुद्दे प्रमुख रहने की संभावना है। प्रधानमंत्री पहले ही SCO के साथ मिलकर आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ प्रभावी सहयोग की प्रतिबद्धता जता चुके हैं।
इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई प्रमुख नेता भी मौजूद हैं। ऐसे में भारत के लिए यह दौरा मध्य एशिया में रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपनी स्थिति रखने का महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।