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*अवैध बालू खनन मामला : 14 ठिकानों पर CBI की छापेमारी, पूर्व सीएम अखिलेश यादव से भी हो सकती है पूछताछ*

उत्तर प्रदेश में अवैध बालू खनन की जांच के संबंध में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को आईएएस अधिकारी बी. चंद्रकला के आवास सहित दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 14 ठिकानों पर छापेमारी की. सीबीआई इस मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी पूछताछ कर सकती है. 2012-17 के दौरान अखिलेश यादव राज्य के मुख्यमंत्री थे. सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, 2012-13 के दौरान अखिलेश यादव के पास राज्य के खनन मंत्रालय का भी प्रभार था. इस दौरान जो भी कैबिनेट में मंत्री पद पर थे उनकी भूमिका की जांच की जाएगी.

इसके अलावा पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को भी सीबीआई इस मामले में समन कर सकती है. प्रजापति के पास भी खनन विभाग की जिम्मेदारी थी. सीबीआई हमीरपुर में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) नेता सत्यदेव दीक्षित और समाजवादी पार्टी के एमएलसी रमेश मिश्रा के आवास पर छापेमारी की.
साबीआई सूत्रों ने कहा है कि इस मामले में आदिल खान, बी चंद्रकला, तत्कालीन खनन अधिकारी मोइनुद्दीन, एसपी एमएलसी रमेश मिश्रा और उनके भाई, खनन क्लर्क रामाश्रय प्रजापति, अंबिका तिवारी (हमीरपुर), खनन क्लर्क राम अवतार सिंह और उनके संबंधी और संजय दीक्षित आरोपी है.

सीबीआई अधिकारी आईएएस बी चंद्रकला के आवास से कई दस्तावेज अपने साथ लेकर गए हैं. सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की टीम के हाथ कई अहम दस्तावेज लगे हैं. बताया जा रहा है कि स्टडी लीव पर चल रही बी चंद्रकला की मुसीबतें आने वाले दिनों में बढ़ सकती है.
बी चंद्रकला के हमीरपुर में डीएम रहने के दौरान अवैध खनन का आरोप लगा था. बता दें कि जुलाई 2017 में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई को खनन घोटाले का जांच सौंपा गया था. चंद्रकला उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जिला अधिकारी के रूप में सेवा दे चुकी हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, हाई कोर्ट ने राज्य में अवैध खनन के आरोपों पर दायर याचिका सामने आने के बाद सीबीआई को जांच करने के निर्देश दिए थे. याचिका में कहा गया था कि इसमें सरकारी अधिकारियों की अहम भूमिका है.