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नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना के शाहजहांपुर में अलाव जलाने को मिले सरकारी धन की बंदरबांट कर रहे नगर निकाय, मजबूरी में कूड़ा करकट जलाकर सर्दी से जूझ रहे लोग…… द इंडियन ओपिनियन के लिए शाहजहाँपुर से मनोज मिश्रा की रिपोर्ट


चिराग तले अंधेरा यह कहावत शाहजहांपुर में सटीक बैठ रही हैl ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि पूरे प्रदेश के स्थानीय निकायों का संचालन करने वाले नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना अपने शाहजहांपुर में ही नगर निकायों मैं अपने निर्देशों का पालन नहीं करवा पा रहे |शाहजहांपुर नगर निगम और अन्य नगर निकायों की लापरवाही के चलते यहां आम जनता को सर्दी से बचाने के लिए शासन द्वारा भेजी गई अलाव जलाने की धनराशि का समुचित इस्तेमाल नहीं हो रहा जिसके चलते बहुत से इलाकों में लोग बेहाल हैं और उनके पास जाने से बचने के उपाय मौजूद नहीं हैं| सबसे ज्यादा दिक्कत उन मुसाफिरों को है जिन्हें रात में घरों से बाहर रहना पड़ता है या फिर उन गरीबों को है जिनके पास सिर छुपाने को ठिकाने नहीं है| लेकिन हमारी आपकी सुरक्षा के लिए ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मी और होमगार्ड भी बहुत परेशान हैं, क्योंकि सर्दियों की रात उन्हें जाग कर गुजार नहीं होती है और अपने घरों के बाहर गुजार नहीं होती है ऐसे में अलाव के लिए लकड़ियां ना मिल पाने से परेशान लोग कूड़ा करकट और प्लास्टिक जलाकर जाड़े से बचने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन जाने अनजाने सरकार के स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरण संरक्षण की मंशा के विपरीत प्रदूषण फैलाने को मजबूर हैंl
थाना रोजा क्षेत्र के पुलिस चौकी लोदीपुर हथौड़ा चौराहा पर ठंड से बचाव के लिए पुलिसकर्मी और राहगीर पन्नी जला कर के रात गुजारने पर मजबूर हैं| कई दिनों से नगर निगम द्वारा आलाव के नाम पर लकड़ी उपलब्ध नहीं कराई गई और जनपद में कहीं भी किसी भी जगह पर अलाव जलते हुए नजर नहीं आ रहे हैं| प्रशासन अलाव के लिए लाखों रुपए खर्च कर रहा है| वही नगर निगम आयुक्त की लापरवाही साफ तौर पर नजर आ रही है| आखिर इतना बड़ा बजट होने के बावजूद भी नगर निगम नगर आयुक्त से लेकर के नगर निगम के ठेकेदार क्या कर रहे हैं यह घोटाला नहीं तो और क्या है नगर प्रशासन आंखें मूंदकर क्यों बैठा हुआ है।