mosbetlucky jetmostbetmosbetlucky jetparimatchaviatoraviatoronewin casinomostbet azmosbet1 winlucky jet casino4rabetmostbet aviator login4x bet1win casinopinup login1winlucky jet crash1winpinup kzmostbet casinopinup login1win slotsmostbetpin upmostbet kz1 win1win uzmostbet casino1win4r bet1 win kzlacky jetpin up 777mosbet aviatorpin upmostbetparimatch1 win1 winpin-upmostbet onlinepin-upmostbetpin up az1 win4rabet bd1win aviatorpin up azerbaycan

*फायदे के कारोबार में माहिर मंत्री नंदी पर सीएम योगी की “वक्र दृष्टि” लिया एक्शन। The Indian opinion*

लखनऊ। प्रयागराज के चर्चित कारोबारी से कम समय में नेता और मंत्री बनने वाले नंद गोपाल नंदी के दांव पेच योगी सरकार में सफल नहीं हो पा रहे है। बसपा सरकार में भी मंत्री नंद गोपाल नंदी प्रभावशाली विभाग के मंत्री थे और बसपा के शीर्ष नेतृत्व को “हर तरह” से संतुष्ट करते हुए बसपा सरकार में नंद गोपाल नंदी ने अपने हिसाब से अपना विभाग चलाया। बसपा की सरकार जाने के बाद कांग्रेस से भी नंद गोपाल नंदी ने अपने सियासी सफर को आगे बढ़ाया लेकिन फायदा न होता देखकर फायदे के व्यापार में माहिर नंद गोपाल नंदी ने भाजपा की सदस्यता हासिल की और भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने और भाजपा की योगी सरकार में मंत्री भी बने।
स्टांप और पंजीयन विभाग में मंत्री नंद गोपाल नंदी ने अपनी मनमानी कोशिश की लेकिन वह भूल गए कि बाबा योगी आदित्यनाथ की सरकार में मनमानी करना किसी भी मंत्री के लिए आसान नहीं।

पिछले दिनों खासतौर पर मंत्री नंद गोपाल नंदी के द्वारा लगभग 300 अधिकारियों कर्मचारियों का तबादला अपने हिसाब से करवाया गया था, इस तबादले में अनियमितता और भ्रष्टाचार के चर्चे हुई, वैसे तो चर्चा ही नहीं बकायदा शिकायतें भी हुई। कुछ कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर मंत्री की मनमानी और तबादलों में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार पर आवाज उठाई। जिसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच की और जांच के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने मंत्री नंद गोपाल नंदी की मनमानी पर रोक लगाते हुए सभी तबादलों को निरस्त करने का आदेश दिया। इन तबादलों में बड़े पैमाने पर स्टांप विभाग के सब रजिस्ट्रार और एआईजी के भी तबादले थे, बड़ी संख्या में मलाईदार पदों पर अनियमित तरीके से अपने चहेतों को बैठाने की बातें जांच में साबित हुई।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले से मंत्री नंद गोपाल नंदी को जोरदार झटका लगा है।
फायदे के कारोबार में महारत रखने वाले नंद गोपाल नंदी को एक संदेश मिला कि भाजपा में फायदे की राजनीति नहीं जनसेवा की राजनीति करनी पड़ेगी।

सीएम योगी का यह सख्त संदेश निश्चित तौर पर मंत्री नंद गोपाल नंदी के लिए एक बड़ा सबक है और इस सबक को समझने में ही उनकी भलाई है। सूत्रों के मुताबिक इतने बड़े पैमाने पर तबादलों में गड़बड़ी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाराज हैं और नंद गोपाल नंदी के स्टांप और पंजीयन विभाग पर मुख्यमंत्री की सीधी नजर है। प्रयागराज के कारोबारी से प्रदेश के नेता बने नंद गोपाल नंदी को होशियार रहना होगा क्योंकि उनके ऊपर किसी और की नहीं खुद सीएम योगी की वक्र दृष्टि हैं।

रिपोर्ट – देवव्रत शर्मा