छोटे-मझोले किसानों की तरक्की के लिए जरूरी थे कृषि कानून, प्रधानमंत्री पुनर्विचार करें- अन्नदाता यूनियन

एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा तीनों कृषि कानून वापस किए जाने के बाद राकेश टिकैत की अगुवाई वाले किसान संगठनों के लोग खुशी जाहिर कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ कई किसान नेता सरकार के झुकने से दुख और नाराजगी भी जाहिर कर रहे हैं । कई किसान नेताओं का मानना है कि यह कृषि कानून किसानों की तरक्की के लिए बहुत जरूरी थे और बिचौलियों से आजादी दिलाने के लिए इन कानूनों को जरूर लागू होना चाहिए।

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के अध्य्क्ष रामनिवास यादव ने किसान हितैषी तीनो कृषि कानूनों की वापसी पर दुःख प्रकट करते हुए कहा है कि राष्ट्र एवं किसानो का भला चाहने वाले देश के प्रधानमंत्री ने आहत होकर तीनो कृषि बिल वापसी का निर्णय किया है जो दुर्भाग्य पूर्ण है।

जिस प्रकार से देश के प्रधानमंत्री मोदी जी ने सच्चे मन से किसानो के हितो को देखते हुए तीनो कृषि कानून लागु किये एवं किसानो की आय को बढ़ाने का काम किया था इन किसान हितैषी तीनो कृषि बिलो को लागू करने की मांग लम्बे समय से किसान कर रहे थे एवं किसानो को बिचौलियो से मुक्त करने की मांग को लेकर किसान नेता स्व. महेंद्र सिंह टिकैत जी ने काफी संघर्ष किया था जिसके काफी बाद मोदी सरकार आने पर ने तीनो कृषि कानून लागू किये गये।

परन्तु दुर्भाग्य से देश के बिचौलियों से मिली भगत कर देश के कुछ कथित किसान नेता एवं कुछ राजनैतिक दलो खासकर वो दल जिन्होंने कभी किसानो का हित नहीं चाहा और हमेशा किसानो का शोषण किया अपनी सरकारों के समय किसानो की जमीन छीनने के लिए किसानो की छाती पर गोली चलवायी परन्तु सबने मिलकर किसान हितैषी तीनो कृषि बिलो के खिलाफ ऐसा माहौल तैयार कर दिया कि सही निर्णय को ही गलत ठहराने लगे जिन्होंने देश के भोले-भाले किसान भाइयो को बहला-फुसलाकर कर किसान हितैषी तीनो कृषि बिलो को ही किसान के खिलाफ बताकर सरकार के खिलाफ माहौल बनाया और सही बात को गलत प्रचारित किया जिससे देश का किसान भ्रमित होने लगा।

क्योकि देश के प्रधानमंत्री जी ने सच्चे मन से देश के किसानो के हित में कानून बनाये थे जिससे किसानो का काफी लाभ होता परन्तु कथित किसान नेताओ एवं विपक्षी दल प्रधानमंत्री जी को निशाना बनाकर उनकी छवि की धूमिल कर रहे थे जिससे आहत होकर प्रधानमंत्री जी ने तीनो किसान हितैषी कृषि बिलो को वापस लेने का निर्णय लिया जो दुर्भाग्य पूर्ण है राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन प्रधानमंत्री मोदी से मांग करती है किसान आंदोलन के नाम पर की गयी साजिशो को बेनकाब किया जाये जिन-जिन राजनैतिक दलों एवं देश विरोधी संगठनों ने साजिश की है उन पर कार्यवाही की जाये एवं किसान हितैषी तीनो कृषि बिल वापसी के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाये।

कथित किसान आंदोलन में शामिल दोषियों पर कार्यवाही की मांग को लेकर एवं इसमें किन-किन राष्ट्र विरोधी संघठनो एवं राजनैतिक दलों ने फंडिंग की है इनके खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर यूनियन राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाएगी एवं कथित किसान नेताओ व इनकी साजिस में शामिल राजनैतिक दलों को बेनकाब करेगी।

लखनऊ
द इंडियन ओपिनियन

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