पश्चिम बंगाल : चुनाव बाद हिंसा मामले में सीबीआई ने की तीसरी गिरफ्तारी।

र्पाश्चम बंगाल :कलकत्ता हाई कोर्ट से आदेश मिलने के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो बंगाल हिंसा की जांच तेज कर दी है। एक के बाद एक पहलू की सीबीआइ बड़े ही बारीकी से जांच कर रही है। बंगाल में चुनाव बाद हिंसा के एक मामले की जांच के सिलसिले में उत्तर 24 परगना जिले में एक व्यक्ति को सीबीआइ ने गिरफ्तार किया है। एजेंसी सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि दो मई को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा के एक कार्यकर्ता की मां की हत्या के आरोपित रतन हल्दर को जगदल इलाके से पकड़ा गया है। सीबीआइ ने चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद भाजपा के एक कार्यकर्ता की हत्या में शामिल होने के आरोप में 28 अगस्त को नदिया जिले से दो लोग विजय घोष व असिम घोष को गिरफ्तार किया था। सीबीआइ ने बीरभूम जिले में चुनाव के बाद हिंसा के एक अन्य मामले में गुरुवार को आरोप पत्र दायर किया है। “जघन्य अपराधो”की जांच सौंपे जाने के बाद से पहली बार सीबीआइ ने आरोप पत्र दायर किया था। रामपुरहाट अदालत के समक्ष दायर आरोप पत्र में भाजपा कार्यकर्ता की हत्या में कथित तौर पर शामिल दो आरोपितो के नाम हैं। कलकत्ता हाई कोर्ट ने हत्या और दुष्कर्म के मामलों की जांच सीबीआइ को सौंपने का 18 अगस्त को आदेश दिया था। अभी तक एजेंसी ने भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या या अन्य जघन्य अत्याचारों में कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ कुल 34 प्राथमिकियां दर्ज की हैं।
चुनाव बाद हिंसा की जांच में सीबीआइ की टीम फिर नंदीग्राम पहुंची। मृत भाजपा कर्मी देवब्रत माइती के घर आई सीबीआइ की टीम ने मृतक की पत्नी और बेटी के साथ गांव के लोगों से भी घटना की जानकारी ली। इधर, बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम के कामकाज की निगरानी कलकत्ता हाई कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश मंजुला चेल्लूर करेंगी। कलकत्ता हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय पीठ ने शुक्रवार को न्यायाधीश चेल्लूर को एसआइटी जांच की निगरानी के लिए नियुक्त किया। पीठ ने पिछले महीने 19 अगस्त को बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा में दुष्कर्म और हत्या जैसे गंभीर मामलों की जांच सीबीआइ को सौंपी थी। इसके अलावा हिंसा से जुड़े अन्य मामलों की जांच के लिए एक एसआइटी के गठन का आदेश दिया था।

रिपोर्ट – आर डी अवस्थी

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