प्रभावी नही बल्कि प्रभावितों से मिलना है जरूरी- वीरेंद्र तिवारी

◆भाजपा ने जैदपुर एवं सदर विधानसभा हेतु वीरेंद्र को बनाया पालक
◆हारी सीटों पर जीत दिलाने के लिए सक्रिय है वीरेंद्र तिवारी, विरोधी खेमा विचलित

बाराबंकी: भारतीय जनता पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कोई कसर नही छोड़ना चाहती। जहाँ एक तरफ भाजपा नेतृत्व जीत हासिल कर चुकी विधानसभाओ के विद्यायको का रिपोर्ट कार्ड का अवलोकन कर रही वही जिन सीटो पर हार का सामना करना पड़ा ऐसे स्थानों पर पालक को भेज कर हार का विश्लेषण और जीत की प्रत्याशा तलाशने के काम कर रही, इसी क्रम में जनपद में यूपीसीएलडीएफ के चेयरमैन और दर्जा प्राप्त मंत्री वीरेंद्र तिवारी को इस कार्य का जिम्मा सौंपा गया है।

विधानसभा सीटों पर पालक बनाये जाने के बाद से श्री तिवारी भाजपा को उन सीटों पर जीत दिलाने के लिए प्रयासरत है जहाँ भाजपा को हार देखने को मिली। मुख्यमंत्री योगी की जनपद में पूर्व में आयोजित की गई जनसभाये सदर विधानसभा एवं जैदपुर विधानसभा के क्षेत्र में प्रस्तावित की गयी थी संभवतः उक्त विधानसभा क्षेत्रों पर मिली हार का विश्लेषण करने के उपरांत प्रेषित रिपोर्ट के आधार पर की गयी।

छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक सफर की शुरुवात करने वाले श्री तिवारी का जनपद से पुराना नाता रहा है यही कारण है कि उनको पालक की जिम्मेदारी दिए जाने से जहाँ एक तरफ विपक्षी खेमे में हलचल है वही भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओ में उत्साह का माहौल भी बना हुआ है।

श्री तिवारी भी अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन में लगे हुए है और इस दौरान जनपद में उनकी सक्रियता भी बनी हुई है, जनपदवासियों से पुराना नाता होने के कारण उन्हें उन प्रत्येक बिन्दुओ पर रिपोर्ट आसानी से मिल जा रही जिसकी शिकायत अधिकांश तौर पर पुराने पार्टी कार्यकर्ता नही कर पाते। पालक के तौर पर हार का विश्लेषण करने का कार्य वैसे तो कठिन है लेकिन श्री तिवारी के पुराने रिश्ते उनके इस कार्य मे कारगर सिद्ध हो रहे है और उन्हें तमाम बिन्दुओ पर रिपोर्ट और लोगो का मन टटोलने में आसानी हो रही है।

इस दौरान वीरेंद्र तिवारी जनपद में सक्रिय है और अपने पार्टी दायित्वो के साथ साथ करीबियों से मुलाकात में भी मशगूल है, इसी क्रम में जनपद में उन्होंने कई संभ्रांत लोगो से मुलाकात भी की जिसमे वरिष्ठ अधिवक्ता बृजेश दीक्षित एवं विजयानंद बाजपाई के निज निवास भी गए और वहाँ मौजूद लोगों से उन्होंने बातचीत कर अपने पुराने रिश्तों की याद को ताजा किया।

इसी क्रम में श्रीनिवास त्रिपाठी के घर पंहुचे वीरेंद्र तिवारी का उपस्थित लोगों ने स्वागत किया, अपनो के बीच आकर श्री तिवारी कुछ समय के लिए पुराने समय को याद करने लगे और चर्चाओं में व्यस्त हो गए। यहाँ उन्होंने लोगो के मध्य एक महत्वपूर्ण बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रभावी व्यक्ति तो जब चाहे नेताओ अथवा अधिकारियों से मुलाकात कर लेते है किंतु प्रभावित व्यक्तियो के पास पँहुच कर मुलाकात करना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है, इसी लिए वह उन सभी लोगो से मिलने का प्रयास जारी रखेंगे जिन्होंने पार्टी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया है और उनकी बातों को प्रदेश नेतृत्व तक पंहुचाने का कार्य भी करेंगे।

मौजूद युवाओ को संबोधित करते हुए उन्होंने अपनी बात जारी रखी और
कहा कि युवा वर्ग को देश को सशक्त और समृद्ध बनाने हेतु आगे आना होगा। मोदी और योगी सरकार की नीतियों का बखान करते हुए उन्होंने कहा कि योगी सरकार में गुंडों का राज समाप्त हो गया है, हर वर्ग का सम्मान हो रहा है। इस दौरान तमाम भाजपाई एवं स्थानीय वृद्ध जन मौजूद रहे।

जिस तरह से श्री तिवारी की सक्रिय है इससे विपक्ष के खेमे में खलबली जरूर मची हुई है। श्री तिवारी राजनीति के मंझे खिलाड़ी तो है ही साथ ही उनकी वाकपटुता और गंभीर स्वाभाव उन्हे अन्य लोगो से पृथक बनाती है। लोगो से मुलाकातें, हारी सीटों पर पालक के तौर पर श्री तिवारी की मेहनत क्या रंग लाएगी यह तो भविष्य की गर्त में छुपा है किंतु उनसे मुलाकात तथा उन्हें अपने बीच पाकर सरलता से अपनी बात रखने के मौके को पाकर पुराने भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी अवश्य है।

रिपोर्ट- नितेश मिश्रा

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