बी एच यू वाराणसी में निदेशक ने कहा- मातृभाषा पर देंगे जोर।

वाराणसी स्थित IIT-BHU में इस सत्र से बीटेक की पढ़ाई हिंदी में भी होगी। अभी बीटेक में पहले साल के छात्रों के लिए यह सुविधा दी जा रही है। इस तरह की सुविधा देने वाला IIT- BHU देश का पहला संस्थान है। यह फैसला IIT-BHU के निदेशक और राजभाषा समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर प्रमोद कुमार जैन ने बुधवार को आयोजित हिंदी पखवाड़ा कार्यक्रम में लिया। संस्थान के ऐनी बेसेंट व्याख्यान कक्ष संकुल में हिंदी पखवाड़ा का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया है। 1 से 15 सितंबर तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए कई निर्णय लिए जाएंगे।
प्रोफेसर जैन ने कहा कि नई शिक्षा नीति में शिक्षा का माध्यम मातृभाषा को बनाया गया है। इसके लिए हम हिंदी माध्यम से प्रथम वर्ष की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के कार्य में हिंदी काफी सहयोग करेगी। अभी हिंदी पर आधारित सिलेबस भी तैयार किया जा रहा है, जिसमें अंग्रेजी के उन्हीं शब्दों का इस्तेमाल किया जाएगा, जो कि आम बोलचाल में हैं।

बीते साल ही शिक्षा मंत्रालय की ओर से आईआईटी में भी हिंदी माध्यम से बीटेक की पढ़ाई करने पर विचार किया गया था। इसके बाद मंत्रालय ने IIT-BHU से तैयारी शुरू करने की बात कही थी। लेकिन कोरोना के बाद से इस योजना पर ब्रेक लग गया था। अब जाकर निदेशक प्रोफेसर जैन ने इस पर सहमति दे दी है। जल्द ही नए कोर्स करिकुलम में भी B.tech in Hindi जोड़कर जारी किया जाएगा।
इसके साथ ही प्रोफेसर जैन ने विभागीय और एकेडमिक कार्य को हिंदी में ही करने की सलाह दी। संस्थान की राजभाषा क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष आचार्य अनिल कुमार त्रिपाठी, हिंदी भाषा में कार्यालय के कार्यों को करने का प्रशिक्षण दे रहे हैं। रजिस्ट्रार राजन श्रीवास्तव ने वर्ष 2020-21 में संस्थान में हिंदी में किए गए कार्यों और उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हम लगातार मातृभाषा को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं।

रिपोर्ट – आर डी अवस्थी

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