राकेश टिकैत ने कहा सफल रहा “भारत बंद” हमें किसानों का मिला पूर्ण समर्थन।

तीन कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा बुलाए गए भारत बंद के चलते आज दिल्ली-एनसीआर के सभी प्रमुख रास्तों पर भारी जाम लगा रहा। दिल्ली से गाजियाबाद को जोड़ने वाले बॉर्डरों पर किसानों ने सुबह 6 बजे से धरना शुरू कर दिया। इस बीच गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को किसानों ने वापस लौटा दिया। कहा- इस आंदोलन को हम राजनीतिक रंग नहीं लेने देंगे।
पंजाब और यूपी के कई इलाकों में किसानों ने रेलवे ट्रैक पर भी प्रदर्शन किया। इस कारण उत्तर भारत की करीब 25 ट्रेनों के यातायात पर असर पड़ा है। दिल्ली, अमृतसर, मोगा और कटरा जाने वाली कई ट्रेनें आज प्रभावित हुईं। कुछ ट्रेनों को रद्द भी कर दिया गया।

किसान नेता राकेश टिकैत ने भारत बंद के सफल होने का दावा किया। उन्होंने कहा, ‘हमारा भारत बंद सफल रहा। हमें किसानों का पूरा समर्थन मिला। हम सबकुछ सील नहीं कर सकते, क्योंकि हमें लोगों की आवाजाही भी बनाए रखनी है। हम सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन कोई बातचीत नहीं हो रही है।’

नोएडा में धरने पर बैठे किसानों ने आज यमुना एक्सप्रेस-वे को पूरी तरह बंद कर दिया, जिस वजह से कई किमी लंबा जाम लग गया। नोएडा के ही DND फ्लाईओवर पर एक से डेढ़ किमी लंबा जाम लगा। यह हाईवे नोएडा को दिल्ली से जोड़ता है। साथ ही नोएडा से दिल्ली जाने वाले चिल्ला बॉर्डर पर भी करीब एक किमी लंबा जाम लगा रहा।

दिल्ली से गुरुग्राम जाने वाले रास्ते पर रजोकरी बॉर्डर के पास घंटों तक जाम में सैकड़ों वाहन फंसे रहे। दिल्ली से अक्षरधाम मंदिर होते हुए गाजियाबाद आने वाली लेन पर भी भीषण जाम था।
नई दिल्ली-अमृतसर- शान-ए-पंजाब,नई दिल्ली-मोगा- सुबह 7 बजे, पुरानी दिल्ली- पठानकोट, नई दिल्ली-अमृतसर सुबह 7 :20 शताब्दी, नई दिल्ली से सुबह 7:40 बजे चलने वाली कालका शताब्दी ये समस्त ट्रेनें रद्द हो गई।


जिस वाहन को महिलाएं ड्राइव कर रही थीं, उन्हें प्रदर्शनकारी किसानों ने नहीं रोका। इसके अलावा एंबुलेंस, स्कूली वाहन, फल-सब्जी और दूध, अंतिम यात्रा वाहन और स्वास्थ्य कर्मियों के वाहन नहीं रोके गए।

भारत बंद को कांग्रेस, सपा, बसपा, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल, भीम आर्मी, स्टूडेंट फैडरेशन ऑफ इंडिया और आरजेडी आदि संगठनों ने समर्थन दिया।
किसान संगठनों का दावा है कि विपक्षी दलों के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर सभी व्यापारिक संगठनों, ट्रेड यूनियनों, ट्रांसपोर्ट यूनियनों, सफाईकर्मचारियों,आशा-आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और वकीलों का समर्थन भी उन्हें मिला।


किसानों के भारत बंद को लेकर जहां यूपी दिल्ली बॉर्डर जाम हो गया है। वहीं, यूपी के छोटे जिलों में किसानों का प्रदर्शन देखने को मिला है। यूपी में पश्चिम से लेकर पूरब तक और रूहेलखंड से लेकर बुंदेलखंड तक किसानों का हाइवे पर कब्जा रहा है।
हापुड़ में तो किसानों ने सरकारी स्कूल पर ताला लगा दिया, जबकि शामली में किसान आंदोलनकारियों से एक महिला भिड़ गई। उसने किसानों से कहा आएगा तो मोदी ही। यूपी में डेढ़ दर्जन जिलों में भारत बंद का मिलाजुला असर दिखा। कहीं एक घंटे तो कहीं 3 घंटे तक किसानों ने रास्ता रोके रखा। वहीं, जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए मौके पर मुस्तैद रहे।

रिपोर्ट – आर डी अवस्थी

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