संघ और सपा में साफ दिखी नज़दीकियां, एक ही सोफे पर बैठे मुलायम और भागवत कांग्रेस का हमला!

विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर है. चुनावी मैदान में सभी पार्टियां दावों और वादों से अपनी ओर मतदाताओं को रिझाने में जुटीं हैं, ऐसे में संघ प्रमुख मोहन भागवत और सपा के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की एक तस्वीर सामने आई है जिससे उत्तर प्रदेश के सियासत में तपिश और बढ़ गई है.

• एक साथ दिखे मुलायम-भागवत
• कांग्रेस का वोट-स्ट्रोक
• मुस्लिम वोटरों को लुभाने की कवायद

कांग्रेस सपा में वार पलटवार का दौर

सोमवार को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की पोती की शादी के कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत और पूर्व यूपी सीएम मुलायम सिंह यादव एक साथ एक ही सोफे पर बैठे नज़र आए, इस तस्वीर को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी पर तंज कसा है. कांग्रेस ने इस मिलाप को सियासी जामा पहनाते हुए ट्वीट कर कहा कि नई सपा में ‘स’ का मतलब ‘संघवाद’ है?  तस्वीर में संघ प्रमुख से राजस्थान के बीकानेर से बीजेपी के सांसद और संसदीय कार्य एवं संस्कृति राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल हाथ मिलाते दिख रहे हैं तो बगल में मुलायम सिंह यादव लाल टोपी पहनकर बैठे दिख रहे हैं.

कांग्रेस के तंज का जवाब देते हुए सपा ने ट्वीट किया कि राजनीतिक शिष्टाचार भूल चुकी है कांग्रेस! जिस कार्यक्रम की तस्वीर लगा रही है कांग्रेस उसी कार्यक्रम में कांग्रेस की सहयोगी एनसीपी के नेताओं ने भी लिया नेताजी का आशीर्वाद। इस पर क्या कहेगी कांग्रेस?

सपा के पलटवार पर यूपी कांग्रेस ने सपा को आड़े हाथों लेते हुए एक और ट्वीट किया जिसमें सपा का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने स्वीकार किया है कि आदरणीय मुलायम सिंह यादव जी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत को आशीर्वाद दिया है। प्रदेश की जनता को स्पष्ट करने के लिए पुनः शुक्रिया।

मुस्लिम वोट की गुणा-गणित

यूपी में सपा को अल्पसंख्यकों से हमेशा जोड़कर आंका गया है.भागवत-मुलायम की मुलाकात को दो विचारधाराओं की मुलाकात बता कांग्रेस सपा के पुख्ता वोट बैंक माने जाने वाले समुदाय को अपने पाले में लाने की कवायद में जुट गई है. आगे देखना दिलचस्प होगा की शिष्टाचार को सियासत का रंग देकर कांग्रेस कितने वोटरों को रिझाने में कामियाब होती है.

रिपोर्ट – सुयश मिश्रा

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