सूत मिल की जमीन वादे के मुताबिक वापस पाने के लिए इटावा के किसानों का अनिश्चितकालीन प्रदर्शन THE INDIAN OPINION


इटावा जनपद में आज तमाम किसान एकजुट होकर कचहरी परिसर में पहुंच गए और कचहरी परिसर मैं धरने पर बैठ गए किसानों की मांग है कि, उनसे प्रदेश सरकार ने 1966 में सूत मिल के नाम पर जमीन मांगी थी जिस जमीन को हमने सूत मिल के नाम पर प्रशासन को दी थी। जिसमें यह तय हुआ था कि जब तक सूत मिल रहेगी आप लोग उसमें काम करते रहेंगे लेकिन जब सूत मिल खाली होगी तो आप लोगों को सूत मिल की जगह वापस कर दी जाएगी, लेकिन पूर्व में रही समाजवादी पार्टी सरकार में सूत मिल को खत्म कर दिया गया और सूत मिल की जगह पर आवासीय कॉलोनी की योजना बनाई गई, जिससे किसान काफी नाराज हैं और किसानों ने काफी बार प्रशासन से अपनी जमीन मांगने की गुहार लगाई लेकिन प्रशासन द्वारा जमीन वापस नहीं की गई।

इसी को लेकर आज इटावा जनपद के तमाम किसान एकजुट होकर कचहरी परिसर में धरना प्रदर्शन पर बैठ गए हैं। उनकी मांग है कि जब तक हमारी जमीन हमें वापस नहीं की जाएगी तब तक लगातार हम धरना प्रदर्शन करते रहेंगे और वही राज्यपाल को एक ज्ञापन पत्र भी लिखा है।

रिपोर्ट रवि कुमार