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दिल्ली कूच की तैयारी करे किसान, नरेश टिकैत का ऐलान।

मुज़फ्फरनगर : किसानो की राजधानी सिसौली में आज  भाकियू  की मासिक पंचायत का आयोजन किया गया।  पंचायत को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बालियान खाप के चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि ऐसा लगता है कि जैसे किसानों ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अश्वमेघ यज्ञ  के घोड़े को पकड़ लिया हो। अब किसान अपने टैक्टर के दोनों ओर तिरंगा झंडा लगाकर दिल्ली कूच की तैयारी करें , और केंद्र सरकार को इसका जवाब दें। किसान नेता चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि ऐसा लगता है कि भारत के प्रधानमंत्री ने कसम खा ली है।  कि वह इन किसान विरोधी तीन कानूनों को वापस नहीं लेंगे।  और लगता तो ऐसा है उन्होंने जब तक किसान अपने घरों को वापस नहीं होंगे तब तक के लिए दाढ़ी भी बढ़ा ली है, लेकिन किसान प्रधानमंत्री की इस जिद के आगे  झुकने वाले नहीं है। हालांकि किसान प्रधानमंत्री का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन चाहते हैं कि प्रधानमंत्री, भारत की सरकार इन तीन कानूनों को वापस ले, एमएसपी की गारंटी दे, तभी किसान दिल्ली से वापस अपने घरों को लौटेंगे।

 नरेश टिकैत किसान नेता ने कहा कि अगर 19 जनवरी को किसानों और केंद्र सरकार के बीच समझौता भी हो जाता है तो भी 26 जनवरी के ऐतिहासिक परेड में किसान जरूर भाग लेंगे। यह आजादी के बाद आज तक के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक परेड होगी, जिसे भविष्य में इतिहासकार अपने-अपने अंदाज किसान और प्रधानमंत्री की हठधर्मिता के रूप में लिखेंगे।

चौधरी नरेश टिकैत ने पंचायत के मभी किसान से अनुरोध किया कि अपने-अपने क्षेत्र से 25 तारीख में ही ट्रैक्टर पर दो-दो तिरंगे झंडे लगाकर यहां से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। चाहे आप किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन करते हो, सभी किसान तिरंगे रंग में रंग जाओ और हम सभी को अपने-अपने मतभेद भुलाकर इस आंदोलन को ऐतिहासिक बनाना है। पच्चीस जनवरी को सुबह 10 -11 बजे सभी किसान अपने अपने क्षेत्र से दिल्ली के लिए निकलेगे। चौधरी टिकैत ने कहा कि 54 दिन के धरने में लगभग 70 किसान भाइयों ने शहादत दी है, ऐसी कड़कती ठंड में  सरकार किसान की हिम्मत को नहीं हरा पाई है। सरकार ने आज तक किसानो की शहादत पर कोई अफसोस नहीं किया है। चौधरी नरेश टिकैत ने आह्वान किया कि हर घर से एक किसान अपने  ट्रेक्टर के साथ दिल्ली के लिए कुच करेगा ,रास्ते में कुछ भी बाधा आए, सभी बाधाओं को दूर करते हुए इस बार इस  गणतंत्र दिवस की परेड को इतिहास में  दर्ज कराना है। किसान इस आंदोलन से बिल वापसी के बाद ही घर वापसी करेगा। 

चौधरी टिकैत ने  कहा कि केंद्र सरकार किसानों पर विभिन्न प्रकार के झूठे आरोप लगा रही है , जिन से किसानों को बहुत दुख पहुंचा है । क्या केंद्र सरकार का कोई प्रतिनिधि यह बता सकता है कि कि विदेशों से किस किसान के खाते में कितना धन आया है।  किसान तो अपने घर पर भी रोटी खा रहा था और आंदोलन में भी रोटी ही खा रहा है । फर्क इतना है कि अब लोग गांव-गांव इकट्ठे होकर  आंदोलनकारी किसानों के लिए राशन मुहैया करा रहे हैं। चौधरी टिकैत ने केंद्र सरकार द्धारा  किसान आंदोलन में नामित 40 प्रतिनिधियों में से अधिकतर किसान नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए का की किसान इन मुकदमों के खिलाफ भी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। 

पंचायत का संचालन अजय खतियान ओर अध्यक्षता विजय पाल सौरम ने की। इस दौरान पंचयात में गौरव टिकैत ,धीरज लाटियान, कमल मित्तल,विशाल, राजीव बालियान, भंवर सिंह, रविन्द्र राणा, दरियाव सिंह, रेशपाल आक्खी आदि मौजूद रहे।

रिपोर्ट – संजीव कुमार, मुज़फ्फरनगर

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