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बेटा बेटी दोनों को समान रूप से पढ़ाएं आगे बढ़ाएं – पारूल शुक्ला

बाराबंकी: दिनांक 25 /01/ 2021 को प्राथमिक विद्यालय रहमत नगर विकास खंड बंकी में ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में विद्यालय में अध्ययनरत बालक बालिका,उनकी माताएं और विद्यालय से पढ़ चुकी छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मीना मंच नोडल बंकी श्रीमती पारूल शुक्ला रही।कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती अर्चना सिंह की अध्यक्षता में किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा सरस्वती माता के चित्र के समक्ष माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन से हुआ।

महिला अभिभावकों ने मिशन प्रेरणा तथा ई पाठशाला में अपनी भागीदारी और कोरोना काल में किस प्रकार बच्चों की पढ़ाई जारी रख रही हैं इस विषय में बताया।उन सभी ने लैंगिक समानता विषय पर भी अपने विचार साझा किए।कार्यक्रम में श्रीमती पारूल शुक्ला द्वारा अभिभावकों से अपने बच्चों में किसी भी प्रकार का भेदभाव ना करने और अपने बेटे तथा बेटी दोनों को पढ़ने और आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रेरित किया,ई- पाठशाला में अपनी ज्यादा से ज्यादा भागीदारी देने और विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को विद्यालय के कार्यों में और उसकी प्रगति के लिए सहयोग प्रदान करने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय की छात्राओं द्वारा मुझे क्या बेचेगा रुपैया ,ओ री चिरैया और मीना की कहानी से बदलाव हुआ है गीतों पर मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।विद्यालय के समस्त स्टाफ द्वारा कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर अपना योगदान प्रदान किया गया।विद्यालय की छात्रा को 1 दिन की प्रधानाध्यापिका बनाया गया और उसे निर्णय लेने को कहा गया तो उसने कहा कि मैं सभी अभिभावकों को प्रेरित करूंगी कि वह अपनी बालिकाओं को अवश्य विद्यालय भेजें और उन्हें खूब पढ़ाएं एवम बच्चों में बिल्कुल भेदभाव ना करें।

छात्राओं को ड्राइंग कॉपी और स्केच पेन के पैकेट उपहार में दिए गए।विद्यालय में इस प्रकार की पहल द्वारा अभिभावकों को बताया गया कि कैसे वह अपनी बच्ची को यदि पढ़ाएं तो वह किसी भी उच्च पद तक पहुंच सकती है आवश्यकता है तो बालिकाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की,उनको उचित अवसर देने की।इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होने से महिला बालिका सशक्तिकरण के मुद्दों पर खुलकर चर्चा करने का मंच प्रदान होता है तथा अभिभावकों की भी विद्यालय के कार्यक्रमों में भागीदारी सुनिश्चित होती है कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से किया गया।

रिपोर्ट – नितेश मिश्रा

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