mosbetlucky jetmostbetmosbetlucky jetparimatchaviatoraviatoronewin casinomostbet azmosbet1 winlucky jet casino4rabetmostbet aviator login4x bet1win casinopinup login1winlucky jet crash1winpinup kzmostbet casinopinup login1win slotsmostbetpin upmostbet kz1 win1win uzmostbet casino1win4r bet1 win kzlacky jetpin up 777mosbet aviatorpin upmostbetparimatch1 win1 winpin-upmostbet onlinepin-upmostbetpin up az1 win4rabet bd1win aviatorpin up azerbaycan

लागू हुई चुनाव आचार संहिता, इलेक्शन मोड में राजनैतिक और सरकारी तंत्र,नए प्रधानमंत्री के लिए 7 चरणों में चुनाव, 23 मई को मतगणना.. पीएम नरेंद्र मोदी राहुल गांधी अखिलेश और मायावती के भाग्य के फैसले के लिए देश के मतदाता तैयार.. “द इंडियन ओपिनियन के लिए आदित्य यादव की रिपोर्ट”

भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव 2019 की तारीखों का एलान कर दिया है। इसी के साथ देश के सभी राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज हो गई हैं यह चुनाव जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व के लिए अग्निपरीक्षा साबित होने जा रहे हैं ,वहीं राहुल गांधी के राजनीतिक भविष्य और अखिलेश और मायावती के राजनीतिक प्रयोग की सफलता को भी तय करेंगेl
नई दिल्ली में आज भारत निर्वाचन आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके देश के आम चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम और दिशा निर्देश जारी किएl देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सिंह अरोड़ा ने मीडिया को बताया की चुनाव में निष्पक्षता और सभी तरह की शंकाओं को समाधान करने के लिए सभी वोटिंग मशीनों में वीवीपैट सिस्टम का प्रयोग किया जाएगा जिससे मतदाताओं को अपने वोट के बारे में पूरी जानकारी होगी और निष्पक्षता पर किसी तरह के सवाल नहीं खड़े हो सकेंगेl

चुनाव सात चरणों में कराए जाएंगे। अप्रैल और मई में सात चरणों में लोकसभा की 543 सीटों के लिए चुनाव कराए जाएंगे।

पहला चरण 11 अप्रैल

दूसरा चरण 18 अप्रैल

तीसरा चरण 23 अप्रैल

चौथा चरण 29 अप्रैल

पांचवां चरण 06 मई

छठा चरण 12 मई

सातवां चरण 19 मई

मतगणना 23 मई

प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें
-मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव का कार्यक्रम बनाते समय, परीक्षा कार्यक्रमों और त्योहारों का ध्यान भी रखा गया है।

-चुनाव में 90 करोड़ लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। करीब डेढ़ करोड़ वोटर 18-19 आयु वर्ग के होंगे।

-मतदाता सूची एक बार प्रकाशित होने के बाद उसमें से नाम नहीं वापस लिया जा सकेगा।

-1950 नंबर डायल कर वोटर लिस्ट संबंधित जानकारी ले सकेंगे।

– पहचान पत्र के लिए 11 विकल्प रखे गए हैं।

-10 लाख मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, 2014 में 9 लाख मतदान केंद्र बनाए गए थे।

-हर मतदान केंद्र पर ईवीएम के साथ वीवीपैट का भी इस्तेमाल होगा।

-ईवीएम की सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए जाएंगे। ईवीएम की जीपीएस ट्रैकिंग होगी।

2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कुछ बदइंतजामी को देखते हुए कुछ नए दिशानिर्देश बनाए गए हैं।

-रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। मतदान से 48 घंटे पहले लाउडस्पीकर का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित।

– ईवीएम पर उम्मीदवार की तस्वीर होगी।

– मतदान से 5 दिन पहले मिल सकेगी वोटर स्लिप।

– सी-विजिल एप के जरिए आम आदमी कर सकेगा आचार संहिता के उल्लंघन की रिपोर्टिंग।

100 मिनट के भीतर संबंधित अधिकारी देंगे जवाब।

– दिव्यांगों के लिए विशेष एप की सुविधा ताकि मतदान के दिन वो परेशान न हों।

-कम्यूनिटी रेडियो के जरिए जागरुकता फैलाई जाएगी।

-चुनाव में मीडिया की सकारात्मक भूमिका। पेड न्यूज पर होगी सख्त कार्रवाई

-संवेदनशील इलाकों में सीआरपीएफ की तैनाती।

-फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब पर राजनीतिक विज्ञापन की जानकारी रखी जाएगी।

-सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने शिकायत अधिकारी नियुक्त करने का वादा किया।

मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल तीन जून को समाप्त होगा। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। आचार संहिता लागू होने के बाद सरकार नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेगी।

समझा जाता है कि आयोग लोकसभा चुनाव के साथ ही आंध्र प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की भी घोषणा कर सकता है। इन राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल अगले कुछ महीनों में समाप्त हो रहा है।