नॉर्वे में ग्रीन एनर्जी, स्पेस सेक्टर और टेक्नोलॉजी सहयोग पर होगी अहम चर्चा, भारत-नॉर्डिक रिश्तों को मिलेगा नया आयाम

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्वे में आयोजित होने वाले इंडिया-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लेंगे, जहां वह चार नॉर्डिक देशों के प्रधानमंत्रियों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में शामिल होंगे। इस महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन में ग्रीन एनर्जी, स्पेस सेक्टर, डिजिटल टेक्नोलॉजी, नवाचार और सतत विकास जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
भारत और नॉर्डिक देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के नेताओं के साथ साझेदारी बढ़ाने पर बातचीत कर सकते हैं। खासतौर पर स्वच्छ ऊर्जा, कार्बन उत्सर्जन में कमी और अंतरिक्ष तकनीक में सहयोग पर फोकस रहेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समिट भारत के लिए निवेश, इनोवेशन और ग्रीन टेक्नोलॉजी के नए अवसर खोल सकती है। भारत पहले से ही रिन्यूएबल एनर्जी और स्पेस सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है, ऐसे में नॉर्डिक देशों के साथ साझेदारी दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
यह दौरा भारत की वैश्विक कूटनीति को और मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है।