सांस्कृतिक धरोहर की वापसी से बढ़ा देश का गौरव, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

भारत के लिए 2 मई का दिन दो बड़ी उपलब्धियों के साथ खास रहा। एक तरफ तस्करी कर अमेरिका पहुंचाई गई करीब 120 करोड़ रुपये मूल्य की प्राचीन भारतीय मूर्तियां वापस देश लौटा दी गईं, वहीं दूसरी ओर भारतीय नौसेना को स्वदेशी तकनीक से बना अत्याधुनिक फ्रिगेट ‘महेंद्रगिरी’ मिला है।
सूत्रों के अनुसार, ये मूर्तियां वर्षों पहले अवैध रूप से देश से बाहर ले जाई गई थीं। भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के प्रयासों के बाद इन्हें वापस लाया गया है। इन मूर्तियों का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व बेहद बड़ा माना जा रहा है, जिससे देश की विरासत को मजबूती मिलेगी।

वहीं रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हुए भारतीय नौसेना ने स्वदेशी युद्धपोत ‘महेंद्रगिरी’ को शामिल किया है। यह फ्रिगेट आधुनिक तकनीकों और हथियारों से लैस है, जो समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये दोनों घटनाएं भारत की सांस्कृतिक और सैन्य शक्ति को वैश्विक स्तर पर और मजबूत करेंगी।