नूर खान एयरबेस पर विमान रखने की खबर, पाकिस्तान का दावा— बातचीत और सैन्य समन्वय के लिए आया था विमान

मध्य एशिया की भू-राजनीति से जुड़ी एक रिपोर्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने ईरान के एक सैन्य विमान को अमेरिका की संभावित निगरानी या कार्रवाई से बचाने के लिए अपने नूर खान एयरबेस पर जगह दी। इस खबर के सामने आने के बाद क्षेत्रीय कूटनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सैन्य विमान कुछ समय के लिए पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से अहम नूर खान एयरबेस पर मौजूद रहा। इसे अमेरिका की नजरों से बचाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, पाकिस्तान ने इन दावों को अलग तरीके से पेश किया है। पाकिस्तानी पक्ष का कहना है कि विमान सैन्य बातचीत, समन्वय और नियमित संपर्क के सिलसिले में आया था, इसे किसी तरह की गुप्त कार्रवाई से जोड़ना गलत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह के दावे सही साबित होते हैं तो इससे अमेरिका, पाकिस्तान और ईरान के रिश्तों में नया तनाव पैदा हो सकता है। फिलहाल इस मामले पर किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में दावों और जवाबों के बीच सच्चाई सामने आना बाकी है।