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*BIG ISSUE आप भरे जुर्माना, लेकिन पीएम मोदी अपने गुजरात में नहीं लागू करवा पा रहे नए ट्रैफिक कानून! The Indian Opinion*

बड़े उत्साह के साथ केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पूरे देश में नए मोटर वहीकल कानून लागू कर रही है नए संशोधनों के मुताबिक यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना कई गुना बढ़ गया है।

पूरे देश में बड़े हुए जुर्माने को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया आ रही है कई स्थानों पर लोग परेशान और नाराज भी हो रहे हैं वहीं सबसे ज्यादा दिक्कत दोपहिया वाहनों या फिर ऑटो टैक्सी चलाने वाले गरीबों को हो रही है।

लेकिन नए कानूनों के संशोधन को आम जनता के हित में भी माना जा रहा है क्योंकि इससे यातायात अनुशासित होगा और सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी।

लेकिन बड़ी खबर यह है कि देश के लगभग 5 राज्यों ने नरेंद्र मोदी सरकार के इस नए कानूनी संशोधन को अभी तक लागू नहीं किया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य गुजरात भी इसमें शामिल है। भाजपा शासित होने के बावजूद गुजरात में केंद्र की भाजपा सरकार के द्वारा लागू किए गए इस नए कानून को लागू नहीं किया है, बल्कि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने केंद्रीय कानून के खिलाफ जाकर गुजरात में जुर्माने की रकम काफी कम कर दी है और यह खबर सोशल मीडिया पर बड़ा मुद्दा बनती जा रही है।

लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात में अपनी ही पार्टी की सरकार में यह क़ानून नहीं लागू करवा रहे हैं तो फिर पूरे देश के लोगों को अधिक जुर्माना भरने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ रहा है ? यदि भाजपा शासित गुजरात की सरकार इस कानून को उचित नहीं मान रहे तो फिर देश के अन्य राज्यों पर इसे लागू करने का दबाव क्यों है?

हालांकि सिर्फ गुजरात ही ऐसा राज्य नहीं है जिसने यह कानून लागू नहीं किया है, गुजरात के अलावा मध्य प्रदेश राजस्थान छत्तीसगढ़ पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु ने भी इस कानून को अपने राज्यों में लागू नहीं किया है वहां की सरकारों ने यह तर्क दिया है कि वह भी विशेषज्ञों से राय ले रही हैं।

क्योंकि इस कानून में जुर्माना बहुत ज्यादा है इसलिए ज्यादातर सरकारें इस बात को लेकर सशंकित हैं कि ज्यादा जुर्माना लागू करने से जनता में नाराजगी न फैल जाए।

ऐसे में यह भी बड़ा सवाल है कि गुजरात समेत जिन राज्यों ने यह कानून अभी तक केंद्रीय संशोधनों के अनुसार लागू नहीं किया है क्या उन राज्य की सरकारें वहां के मुख्यमंत्री अपने राजनीतिक लाभ को ज्यादा महत्वपूर्ण मानते हैं? जनता को खुश रखना ज्यादा महत्वपूर्ण मानते हैं या फिर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर लोगों की जिंदगी बचाने को ज्यादा महत्वपूर्ण मानते हैं?

क्योंकि हमारे देश में हर साल यातायात नियमों के प्रति लापरवाही को लेकर बड़ी मात्रा में दुर्घटनाएं होती हैं जिसकी वजह से हजारों लोग सड़कों पर बेमौत मारे जाते हैं और बड़ी संख्या में लोग घायल भी होते हैं ऐसे में नए यातायात नियम लागू करके निश्चित तौर पर लोगों को अनुशासित यातायात के लिए प्रेरित किया जा सकता है।

लेकिन यह सवाल भी खारिज नहीं किया जा सकता कि जब देश की नरेंद्र मोदी सरकार इस नए कानून को लगभग पूरे देश में ही लागू कर रही है और कई स्थानों पर लोगों ने भारी जुर्माना देना शुरू भी कर दिया है तो ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में यह कानून इमानदारी से क्यों नहीं लागू किया जा रहा ? जबकि गुजरात में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और ऐसे में वहां के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी क्यों केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ खड़े हो गए हैं ?

इस पूरे मामले में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की प्रतिक्रिया आई है और उन्होंने कहा है कि कोई भी राज्य अपने मन से इस कानून को संशोधित नहीं कर सकता सभी राज्यों को यह कानून ईमानदारी से लागू करना चाहिए क्योंकि यह कानून जनता के हित में है और उनका उद्देश्य ज्यादा जुर्माना धनराशि वसूलना नहीं है उनका उद्देश्य लोगों को अनुशासित और सुरक्षित यातायात के लिए जागरूक करना है जिससे दुर्घटनाओं से होने वाले भारी नुकसान से बचाया जा सके और लोगों को सड़क पर होने वाली मौत से बचाया जा सके।

रिपोर्ट – देवव्रत शर्मा