अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट के संचालन की जिम्मेदारी निजी हाथों में जाएगी

लखनऊ। गोमती नगर स्थित बहुचर्चित जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय सेंटर (JPNIC) को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने JPNIC के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी निजी हाथों में सौंपने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत सेंटर को 30 साल की लीज पर दिए जाने का रास्ता साफ हो गया है।
JPNIC पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के कार्यकाल में तैयार की गई प्रमुख परियोजनाओं में शामिल रहा है। गोमती नगर में स्थित इस परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस बहुउद्देशीय केंद्र के रूप में विकसित किया गया था। परियोजना लंबे समय से राजनीतिक चर्चा और विवाद का विषय भी रही है।

कैबिनेट के फैसले के बाद अब सेंटर के संचालन, रखरखाव और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं में निजी क्षेत्र की भूमिका बढ़ने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य परिसर का बेहतर उपयोग, रखरखाव और सुविधाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करना बताया जा रहा है। हालांकि, लीज की शर्तों, चयन प्रक्रिया और निजी संस्था को दी जाने वाली जिम्मेदारियों से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

इस फैसले के बाद JPNIC को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होने की संभावना जताई जा रही है। समाजवादी पार्टी की ओर से इस फैसले का विरोध किए जाने की आशंका के बीच प्रशासन ने परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। JPNIC के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी संभावित विरोध या प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे।
JPNIC पहले भी राजनीतिक विवादों के केंद्र में रहा है। अब 30 साल की लीज पर निजी हाथों में संचालन दिए जाने के फैसले से एक बार फिर यह परियोजना चर्चा में आ गई है। आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी बढ़ सकती है।