रुपया ऑल टाइम लो पर, 1 डॉलर की कीमत 95.50 रुपए; महंगाई बढ़ने का खतरा

कमजोर होती भारतीय मुद्रा से आयात महंगा होने की आशंका, पेट्रोल-डीजल से लेकर रोजमर्रा की चीजों पर पड़ सकता है असर

भारतीय रुपये में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आर्थिक मोर्चे पर चिंता बढ़ गई है। डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर 95.50 के स्तर पर पहुंच गया, जिसे अब तक का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। रुपये की कमजोरी का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, रुपये में गिरावट का सबसे बड़ा असर आयात पर पड़ेगा। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई जरूरी वस्तुओं के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में डॉलर महंगा होने से इन वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसका असर पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, मोबाइल, लैपटॉप और अन्य उपभोक्ता सामानों पर दिख सकता है।

रुपये में गिरावट के पीछे वैश्विक आर्थिक दबाव, डॉलर की मजबूती, विदेशी निवेश में कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार की अनिश्चितता को वजह माना जा रहा है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप कर सकता है।

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यदि यह गिरावट लंबे समय तक जारी रही तो महंगाई दर में इजाफा हो सकता है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *