बिहार में नई राजनीति की शुरुआत, नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर 8वीं बार शपथ ग्रहण की-

नीतीश कुमार ने 8वीं बार बिहार के सीएम पद की शपथ ली। एक बार फिर नितीश कुमार बिहार में सत्ता पर काबिज हो चुके हैं। जदयू के नेता नीतीश कुमार ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही राजद नेता और लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव दूसरी बार डिप्टी सीएम बन गए हैं।

बीजेपी नीत एनडीए से नाता तोड़ने के बाद जेडीयू के नीतीश कुमार ने आरजेडी के तेजस्वी यादव के साथ मिलकर बिहार में दूसरी बार महागठबंधन की सरकार बनाई है। नीतीश कुमार को आरजेडी के अलावा कांग्रेस, वाम दल, हम का समर्थन मिला है। बिहार में बीजेपी-जेडीयू का गठबंधन टूटने पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी को बिहार में नागनाथ और सांपनाथ (जेडीयू और आरजेडी) में से किसी एक को चुनना था। इसलिए पार्टी ने प्रदेश की भलाई के लिए नीतीश कुमार को चुना था।

आरजेडी के खाते में इस बार गृहमंत्रालय भी रहेगा। नीतीश सरकार में मंत्री रहे श्रवण कुमार ने कहा कि बीजेपी गठबंधन धर्म का पालन नहीं कर रही थी और जेडीयू को खत्म करने में लगी हुई थी। ऐसे में जेडीयू के सामने बीजेपी का साथ छोड़कर महागठबंधन के साथ जाने का ही विकल्प बचा था। एचटी के सूत्रों के मुताबिक बिहार विधानसभा में लालू प्रसाद यादव की आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी है। इसलिए आरजेडी कोटे से सबसे ज्यादा 16 मंत्री बनाए जा सकते हैं। वहीं जेडीयू कोटे से 13 मंत्री बनने की चर्चा है।

महागठबंधन सरकार के मुखिया नीतीश कुमार की नई मंत्रिपरिषद में जेडीयू कोटे से लगभग पुराने नेताओं को ही शामिल किया जाएगा। जेडीयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को भी मंत्री बनाया जा सकता है।

 

ब्यूरो रिपोर्ट ‘द इंडियन ओपिनियन’

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