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कृषि क्षेत्र को कोरोना के हमले से बचाने के लिए गाइडलाइन, जारी रहेगा कृषि उत्पादन और विपणन!

रिपोर्ट – आराधना शुक्ला

गृह मंत्रालय की तरफ से लॉक डाउन 2.0 के लिए नई गाइडलाइंस जारी कर दी गई हैं। इसमें किसानों का खास ख्याल रखते हुए उन्हें खेतीबाड़ी से जुड़े मामलों में राहत दी गई है। अब किसान आसानी से अपने खेतों का काम कर सकेंगें। इसके अलावा खाद्य सामग्री तथा दवा बनाने वाली कंपनियों को भी ढील दी गई है। दैनिक मजदूरी करने वाले कामगार, प्लंबर, कारपेंटर, इलेक्ट्रिशियन और मोटर मैकेनिक जैसे काम करने वालों को भी इसमें छूट दी गई है।

हालांकि ट्रांसपोर्ट से जुड़ी सेवाएं बंद रहेंगीं। स्कूल, कॉलेज भी लॉक डाउन के दौरान नहीं खुलेंगें। सरकार की तरफ से साफ किया गया है कि जिन भी सेक्टर को छूट दी गई है वहां सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाए। ये छूट 20 अप्रैल से लागू होगी।

इन क्षेत्रों को मिलेगी लॉक डाउन में राहत:
कृषि- लॉक डाउन में खेती से जुड़े लोगों को बड़ी राहत दी गई है।किसानों के उपयोग में आने वाली खेती-बाड़ी से संबंधित सभी दुकानें मसल, खाद बीज की दुकानें, कृषि में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की दुकानें एवं उनकी मरम्मत और स्पेयर पार्ट्स की दुकानें खोलने के निर्देश गृह मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए हैं।इनके अलावा मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों को भी चालू रखने की इजाजत मिल गई है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने वाली एजेंसियों को छूट- कृषि उपज की खरीद और न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित कराने वाली एजेंसियों को भी छूट दी गई है। कृषि उत्पाद को बाजार समितियों द्वारा संचालित मंडियों को भी इसमें छूट दी गई है।
फार्मा कंपनियों को छूट- दवा बनाने वाली सभी कंपनियों, मेडिकल में इस्तेमाल होनें वाले उपकरणों को बनाने वाली सभी कंपनियों को इस नई गाइडलाइन में ढील दी गई है। इसमें कच्चे माल से जुड़ी इकाईयों को भी शामिल किया गया है।
निर्माण गतिविधियों में राहत- लॉक डाउन 2.0 में कृषि के बाद सबसे ज्यादा ध्यान रोज कमाई करने वाले कामगारों पर दिया गया है।ध्यातव्य है कि मजदूरों का एक बहुत बड़ा वर्ग निर्माण क्षेत्र में लगा हुआ है। इसी के मद्देनजर इस क्षेत्र को रियायत दी गई है। शहरों में जहां भी निर्माण कार्य चल रहा है और वहीं पर मजदूर उपलब्ध हैं, तो उनसे काम करवाया जा सकेगा। इसके अलावा सड़कों के मरम्मत कार्यों में भी ढ़ील दी गई है। काम करनें के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा।
आईटी सेक्टर को छूट- गृह मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लेते हुए आईटी सेक्टर को राहत दी है।अब इससे जुड़े सभी कंपनियां अपनी 50 फ़ीसदी कर्मचारियों के साथ दफ्तर खोल सकेंगीं। यहां पर भी सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखना होगा।
इन सब के अलावा पहले की ही तरह बैंक, पेट्रोल पंप, बीमा दफ्तर इत्यादि खुले रहेंगें। आवश्यक वस्तुओं से जुड़ी सभी दुकानें पहले की भांति ही खुली रहेंगीं।

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