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बहुप्रतीक्षित वाहन स्क्रैप पॉलिसी अगले महीने से हो सकती है लागू

सरकार पुराने दो पहिया और चार पहिया वाहनों के लिए वाहन कबाड़ नीति (व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी) अगले महीने से लागू करने की घोषणा कर सकती है। बहुप्रतिक्षित स्क्रैप पॉलिसी के लागू होने से सुस्ती और गिरावट का सामना कर रही देश की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। नए वाहनों की मांग बढ़ने से वाहन उद्योग रफ्तार पकड़ेगा। उपभोक्ता को नए वाहन 30 फीसदी तक सस्ते मिलेंगे। पुराने वाहनो से वायु प्रदूषण में 25 फीसदी की कमी आएगी। वहीं स्क्रैप सेंटरों पर बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध होंगे।

सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 15 साल पुराने दो पहिया व चार पहिया (निजी व व्यवायिक) को ठिकाने लगाने के लिए व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी बनाने का काम अंतिम चरण में हैं। इसके बाद स्क्रैप पॉलिसी को कैबिनेट के पास भेज दिया जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अधिकारी ने कहा कि कोरोना महामारी के इस दौरान में स्क्रैप पॉलिसी अर्थव्यवस्था के लिए ऑक्सीजन का काम करेगी।

इस नीति में 15 साल पुराने वाहनों को सड़कों से हटाने का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है। लेकिन ऐसे वाहनों को चलाने के लिए प्रति वर्ष फिटनेस प्रमाण पत्र और पंजीकरण नवीनीकरण शुल्क दो से तीन गुना कर दिया गया है। इससे उपभोक्त पुराने वाहनों को बेचकर नए वाहन खरीदने के लिए आकर्षित होंगे। अभी हाल ही में ऑटोमोटिव कॉम्पोनेन्ट मैन्युफैक्चरर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया (Acma) के सालाना सत्र में बोलते हुए रोड ट्रांसपोर्ट और हाइवे मिनिस्टर (Nitin Gadkari) नितिन गडकरी ने कहा था कि ऑटो स्क्रैपेज पॉलिसी अपने आखिरी चरण में है और अगले महीने तक ये भारत में लागू हो सकती है। नितिन गडकरी ने कहा था कि केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही इस पॉलिसी को देश भर में लागू कर दिया जाएगा।

आपको बता दें कि मौजूदा समय में देश भर में चल रहे पुराने वाहनों को सड़क से हटाने के लिए किसी भी तरह की नीति लागू नहीं है और यही वजह है कि तय समय अवधि पूरी होने के बावजूद लोग अपने पुराने वाहनों को सड़कों पर चलाते हैं। इस समय देश में पेट्रोल वाहन को 15 साल अधिकतम और डीजल वाहन को 10 साल अधिकतम चलाने की अनुमति है लेकिन लोग इससे भी ज्यादा समय तक पुराने वाहनों का इस्तेमाल लगातार कर रहे हैं जिससे प्रदूषण में इजाफा हो रहा है क्योंकि पुराने वाहनों से ज्यादा प्रदूषण फैलता है। इस प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार अब जल्द ऑटो स्क्रैपेज पॉलिसी लागू करने वाली है।

रिपोर्ट–रविंनन खजांची/मनीष निगम

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