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महाराष्ट्र की तर्ज पर यूपी सरकार लायी है अपराधियों आतंकियों के खिलाफ कठोर कानून …यह खास प्रावधान बनाते है ..यूपीकोका को अपराधियों के खिलाफ वज्रास्त्र .


(UPCOCA) यानि उत्तर प्रदेश कंट्रोल ऑफ आर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट के तहत निम्नलिखित प्रावधान हैं-

– किसी भी तरह का संगठित अपराध करना वाला व्यक्ति इस कानून की जद में आएगा.

– इस कानून के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को 6 महीने तक जमानत नहीं मिलेगी.

– इस कानून के तहत केस तभी दर्ज होगा, जब आरोपी कम से कम दो संगठित अपराधों में शामिल रहा हो. उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई हो.

– यूपीकोका में गिरफ्तार अपराधी के खिलाफ चार्जशीट दाख़िल करने के लिये 180 दिन का समय मिलेगा. अभी तक के कानूनों में 60 से 90 दिन ही मिलते हैं.

– यूपीकोका के तहत पुलिस आरोपी की रिमांड 30 दिन के लिए ले सकती है, जबकि बाकी कानूनों में 15 दिन की रिमांड ही मिलती है.

– इस कानून के तहत कम से कम अपराधी को पांच साल की सजा मिल सकती है. अधिकतम फांसी की सजा का प्रावधान होगा.

इतने सख्त कानून का दुरुपयोग ना हो, ये तय करने के लिए यूपीकोका के मामलों में केस दर्ज करने और जांच करने के लिए भी अलग नियम बनाये गए हैं.

– राज्य स्तर पर ऐसे मामलों की मॉनिटरिंग गृह सचिव करेंगे.

– मंडल के स्तर पर आईजी रैंक के अधिकारी की संस्तुति के बाद ही केस दर्ज किया जाएगा.

– जिला स्तर पर यदि कोई संगठित अपराध करने वाला है, तो उसकी रिपोर्ट कमिश्नर, डीएम देंगे.