उत्तराखण्ड : मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पुलिस लाइन मैदान में “राष्ट्रीय खेल दिवस” के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

उत्तराखण्ड :आज “राष्ट्रीय खेल दिवस” के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना” का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री श्री धामी द्वारा इस अवसर पर प्रदेश के खिलाड़ियों के उन्नयन हेतु कई घोषणाएं भी की गई। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि खेल विभाग के अन्तर्गत खेल प्रशिक्षकों की कमी को देखते हुए प्रत्येक जनपद के लिए 08-08 विभागीय खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। खिलाड़ियों को त्वरित नियमानुसार वित्तीय लाभ दिये जाने हेतु मुख्यमंत्री खेल विकास निधि की स्थापना की जाएगी साथ ही खेल विभाग, उत्तराखण्ड के कॉन्ट्रैक्ट प्रशिक्षकों के मानदेय में भारतीय खेल प्राधिकरण के कॉन्ट्रैक्ट प्रशिक्षकों को देय मानदेय के अनुसार वृद्धि की जाएगी।

मलखंब खेल को भी खेल नीति में शामिल किया जाएगा। पूर्व की भांति राज्याधीन सेवाओं में कुशल खिलाड़ियों को 4 प्रतिशत आरक्षण पुनः लागू किये जाने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि आज मेजर ध्यानचंद जी का जन्मदिन है और आज के दिन हम प्रदेश में “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना” प्रारंभ कर रहे हैं। इसके लिये आज से बेहतर दिन हो ही नहीं सकता था। उन्होंने कहा कि हमने कुछ समय पहले राज्य के प्रतिभाशाली उभरते खिलाड़ियों के लिए खेल छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया था, हमें खुशी है कि योजना को शुरू कर दिया गया है।

हमारी सरकार जो कहती है, वो करती भी है। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना में 8 से 14 वर्ष के उभरते खिलाड़ियों को ₹1500 प्रतिमाह की खेल छात्रवृत्ति दी जायेगी। कुल 3900 उभरते खिलाड़ियों, जिसमें से 1950 बालकों एवं 1950 बालिकाओं को खेल छात्रवृत्ति दी जाएगी। राज्य में खिलाड़ियों को खेल क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करने, भविष्य में उत्तराखण्ड राज्य को खेल क्षेत्र में अग्रणी पंक्ति में स्थापित किये जाने के उद्देश्य से खेल नीति- 2021 लागू की गई। खेल नीति में खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक अर्जित करने पर पूर्व में देय पुरस्कार धनराशि में लगभग 100 प्रतिशत की वृद्धि की गई है व प्रशिक्षकों हेतु भी धनराशि में वृद्धि की गई।

दिव्यांग खिलाड़ियों को सामान्य खिलाड़ियों की भांति समान अधिकार प्रदान किया गया है। राज्य खेल पुरस्कार यथा देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न, देवभूमि उत्तराखण्ड द्रोणाचार्य पुरस्कारों के साथ ही हिमालय रत्न खेल पुरस्कार भी प्रदान किया जा रहा है। खिलाड़ियों को राज्य में सरकारी नौकरी प्रदान किए जाने की आउट ऑफ टर्न नियुक्ति की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में नये भारत, शक्तिशाली भारत, गौरवशाली भारत का निर्माण हो रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इस अवसर पर खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्य, विधायक धर्मपुर श्री विनोद चमोली, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, विशेष प्रमुख सचिव खेल श्री अभिनव कुमार, निदेशक खेल श्री गिरधारी सिंह रावत, संयुक्त निदेशक डॉ. धर्मेन्द्र भट्ट सहित अन्य सम्मानित गण उपस्थित रहे।

 

रिपोर्ट आर डी अवस्थी “द इण्डियन ओपिनियन”

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