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*प्रयागराज- शिक्षा के बाजारीकरण व निजीकरण को लेकर किया गया प्रदर्शन।THE INDIAN OPINION*


प्रयागराज। राष्ट्रीय हिंदू संगठन व सामाजिक संगठन की ओर से शिक्षा के बाजारीकरण व निजीकरण होने के कारण आज सामान्य लोगों को अपने बच्चों की शिक्षा प्रदान करवाना मील का पत्थर साबित हो गया हैं।

शिक्षा का कार्य सामाजिक कार्य ना होकर व्यवसाय हो गया है नवगठित प्रदेश सरकार ने फीस नियंत्रण के लिए कानून बनाया लेकिन यह कानून ना के बराबर निजी विद्यालय द्वारा लागू किया गया है निजी विद्यालय फीस नियंत्रण अधिनियम 2018 प्रयागराज मंडल के समस्त विद्यालय में पूर्ण रूप से लागू किया जाए।

इसके लिए सोमवार को संगठन की ओर से श्रीमान प्रधानमंत्री महोदय भारत सरकार नई दिल्ली माननीय मुख्यमंत्री महोदय उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ को संबोधित पांच सूत्रीय मांग का ज्ञापन आयुक्त प्रयागराज मंडल का को सौंपा गया संगठन के राष्ट्रीय महासचिव उदय प्रताप सिंह ने ज्ञापन सौंपते हुए मंडलायुक्त डॉ आशीष गोयल से कहा कि पीस नियंत्रण कानून 2018 किसी भी विद्यालय में लागू नही है, आज भी स्कूल मनमानी फीस वसूल रहे है।

इस कानून को पूर्ण रूप से लागू कराया जाय। दूसरी मांग राइट तो एजुकेशन एक्ट 2009 के तहत 25 प्रतिशत गरीब बच्चों को शिक्षा निःशुल्क हिना चहिये लेकिन किसी भी स्कूल में एक भी छात्र का प्रवेश नही है, इस कानून का पालन कराया जाय। तीसरी मांग मिशनरी संस्थाओं द्वारा संचालित समस्त स्कूलों का राष्ट्रीयकरण होना चाहिए क्योकि सरकार ने इन मिशनरी संस्थाओ को जमीन और भवन शिक्षा जैसा नेक कार्य करने के लिए सरकार द्वारा दिया गया लेकिन इन संस्थाओ द्वारा शिक्षा का व्यवसाय करने लगे और संस्थाओ के लोग इसे अपनी जमीन जायजाद समझ कर बेचने लगे। राष्ट्रीयकरण से इन स्कुलो में ब्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

चौथी मांग है कि उपरोक्त दोनों कानून के उलंघन पर एक लाख दो लाख फिर पंजीकरण को समाप्त करने का प्रावधान है, हमारी मांग है कि आर्थिक दंड का प्रावधान हटा कर आपराधिक मामला दर्ज कर तत्काल जेल भेजना चाहिये और जिसकी सजा 10 वर्ष होना चाहिए।
पांचवी मांग यह है कि जिस हिसाब से स्कूल हमसे फीस लेता है कि वार्षिक शुल्क इतना है, मासिक शुल्क इतना है, sms शुल्क इतना है डेवलपमेंट शुल्क इतना है, उसी हिसाब से हमे भी यह जानने का हक है कि स्कूल किन किन मद में खर्च कर रहा है, वेतन मद में कितना दिया जा रहा है, डेवलपमेंट में कितना जा रहा है, जनरेटर के डीजल में कितना खर्च हो रहा है आदि आदि

संगठन की तरह से उपरोक्त पांच सूत्रीय मांग जिसमें तीन मांग की पूर्ण करने का क्षेत्र आपका शासन के स्तर का है आपसे अनुरोध है कि उपरोक्त मांग पर कार्रवाई करते हुए संगठन को भी अवगत कराये जैसे संगठन आगे की कार्य योजना बना सके कार्यक्रम की अध्यक्षता उदय प्रताप सिंह द्वारा तथा संचालन शैला शर्मा द्वारा किया गया घेराव करने में कई स्कूलों के अभिभावक भी शामिल हुए सभी ने संस्था का समर्थन करने की बात कही है।

रिपोर्ट – मो. अफज़ाल, प्रयागराज